1. धर्म-संसार
  2. ज्योतिष
  3. ज्योतिष आलेख
  4. masik shivratri n pradosh vrat 2022
Written By

प्रदोष व्रत पर इस बार मासिक शिवरात्रि का शुभ संयोग, जानिए मुहूर्त और पूजा विधि

इस बार प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का एक ही दिन खास शुभ संयोग बन रहा है। माघ माह (Magh Month) में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 जनवरी से शुरू हो रही है और इसी दिन दोनों व्रत है। हिन्दी पंचांग के अनुसार प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) प्रतिमाह दो बार आता है। पहला शुक्ल और दूसरा कृष्ण पक्ष में। यह व्रत द्वादशी या त्रयोदशी तिथि (Triyodashi Tithi) को मनाया जाता है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार इस दिन उपवास रखकर विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजा करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है। 
 
सरल पूजा विधि- Puja Vidhi 
 
- सुबह स्‍नान के पश्चात स्‍वच्‍छ वस्‍त्र धारण करें।
 
- शहद, गाय का दूध, गंगाजल, शकर, बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, सफेद फूल, धूप, दीप, आदि से भगवान शिव की पूजा करें। 
 
- मासिक शिवरात्र‍ि तथा प्रदोष व्रत में पूजन शाम को भी की जाती है, अत: सायंकाल में दोबारा पूजन करें।
 
- यह पूजन शाम के समय प्रदोष काल में किया जाता है। 
 
- प्रदोष व्रत में भगवान शिव की आरती एवं पूजा सायंकाल में ही की जाती है। 
 
- संध्या के समय जब सूर्य अस्त हो रहा होता है एवं रात्रि का आगमन हो रहा होता है उस प्रहार को प्रदोष काल कहा जाता है। 
 
- ऐसा माना जाता है की प्रदोष काल में शिव जी साक्षात शिवलिंग पर अवतरित होते हैं और इसीलिए इस समं शिव का स्मरण करके उनका पूजन किया जाए तो उत्तम फल मिलता है। 
 
- प्रदोष तथा मासिक शिवरात्रि व्रत कथा पढ़ें तथा ॐ नम: शिवाय मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें। 
 
- यह तिथि शनिवार रात्रि शुरू होने के कारण शनि पूजन का भी विशेष महत्व है। अत: प्रात:काल पूजन के बाद शाम को प्रदोष काल में शिव जी का पूजन करना अतिलाभदायी होता है। अवश्य करें। इन दोनों शिव जी का पूजन-अर्चन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है तथा जीवन की सभी परेशानियों और कष्‍टों से मुक्ति मिलती है। 
 
प्रदोष और मासिक शिवरात्रि की तिथि एवं पूजन के शुभ मुहूर्त-masik shivratri n pradosh vrat muhurt 2022
 
माघ कृष्ण त्रयोदशी शनिवार, 29 जनवरी को रात 08.37 मिनट से शुरू होकर रविवार, 30 जनवरी को शाम 05.28 मिनट तक रहेगी। और माघ कृष्ण चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 30 जनवरी को शाम 05.28 मिनट से शुरू होकर सोमवार, 31 जनवरी को दोपहर 02.18 बजे तक रहेगी।
 
अत: इस बार प्रदोष व्रत 2022 के पूजन का शुभ मुहूर्त 30 जनवरी को सायंकाल 5.59 मिनट से रात्रि 08.37 मिनट तक रहेगा तथा मासिक शिवरात्रि 2022 के पूजा का मुहूर्त 30 जनवरी को रात्रि 11.38 बजे से देर रात 12.52 मिनट तक रहेगा। 

ये भी पढ़ें
षटतिला एकादशी व्रत रखने के 6 फायदे और तिल के 6 उपाय