घर के बगीचे में है नीली या सफेद अपराजिता तो कभी नहीं आएगा संकट

benefits of Aparajita
Last Updated: सोमवार, 17 जनवरी 2022 (15:15 IST)
 
benefits of Aparajita
अपराजिता (aparajita flower in hindi) का वृक्ष झाड़ीदार और कोमल होता है। अपराजिता सफेद और नीले रंग के फूलों वाली होती है। नीले फूल वाली अपराजिता भी दो प्रकार की होती है:- 1.इकहरे फूल वाली और 2. दोहरे फूल वाली। श्वेत अपराजिता का पौधा मिलना कठिन है। संस्कृत में इसे आस्फोता, विष्णुकांता, विष्णुप्रिया, गिरीकर्णी, अश्वखुरा कहते हैं जबकि हिन्दी में कोयल और अपराजिता। बंगाली में भी अपराजिता, मराठी में गोकर्णी, काजली, काली, पग्ली सुपली आदि कहा जाता है। गुजराती में चोली गरणी, काली गरणी कहा जाता है। तेलुगु में नीलंगटुना दिटेन और अंग्रेजी में मेजरीन कहा जाता है।  
 
1. श्वेत अपराजिता- यह पौधा धनलक्ष्मी को आकर्षित करने में सक्षम है और घर में किसी भी प्रकार का संकट नहीं आने देता है।
 
2. नीली अपराजिता- अक्सर सुंदरता के लिए इसके पौधे को बगीचों में लगाया जाता है। इसमें बरसात के सीजन में फलियां और फूल लगते हैं। यह पौधा धनलक्ष्मी को आकर्षित करने में सक्षम है।
 
लाभ : दोनों प्रकार की कोयल (अपराजिता), चरपरी (तीखी), बुद्धि बढ़ाने वाली, कंठ (गले) को शुद्ध करने वाली, आंखों के लिए उपयोगी होती है। यह बुद्धि या दिमाग और स्मरण शक्ति को बढ़ाने वाली है तथा सफेद दाग (कोढ़), मूत्रदोष (पेशाब की बीमारी), आंवयुक्त दस्त, सूजन तथा जहर को दूर करने वाली है।



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