यात्रियों की फजीहत बढ़ी

खरगोन | Naidunia| पुनः संशोधित मंगलवार, 11 अक्टूबर 2011 (00:57 IST)
बड़वानी जिले के बालसमुद में बस जलाने की घटना के बाद शासन द्वारा शिकंजा कसने से बड़वानी-इंदौर मार्ग पर चलने वाली 32 में से 21 बसें ही चल रही हैं। इससे त्योहार के समय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बड़वानी से इंदौर मार्ग पर प्रतिदिन 32 यात्री बसें संचालित होती थीं, लेकिन निर्धारित मापदंड पूरा नहीं करने के कारण 1 अक्टूबर के बाद 10 बसें बंद हो गई हैं। इंदौर मार्ग पर कम बसों के संचालन से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और सीट भी नहीं मिल पाती। व्यवसायी दीपक कुमार ने बताया कि वे शाम 7 बजे की बस से इंदौर जाते थे, लेकिन अब वह नहीं चल रही। ऐसे में रात्रि में 8 बजे की बस से इंदौर जाना पड़ता है। उसमें भी भीड़ रहती है। कई बार तो इंदौर तक खड़े-खड़े सफर करना पड़ता है।

बस स्टैंड पर एजेंटी करने वाले दुदालाल मुकाती ने बताया कि 20 सितंबर तक बड़वानी से प्रतिदिन 32 यात्री बसें इंदौर मार्ग पर संचालित होती थीं। कई बसों के परमिट नहीं मिलने व आवश्यक मापदंड की पूर्ति नहीं होने से 1 से 5 अक्टूबर तक तो मात्र 15 बसें ही संचालित हुईं। हालाँकि अब 21 बसें चल रही हैं। इनमें सवारियों की संख्या ज्यादा रहती है।

यह व्यवस्था जरूरी

बसों में चढ़ने-उतरने के लिए 2 गेट, आपतकालीन खिड़की, अग्निशमन यंत्र, किराया सूची, बस चलने का समय, परमिट, फिटनेस, वैधता की जानकारी, मार्ग की स्पष्ट जानकारी।


नियम-कायदे ताक पर
जुलवानिया। गत 21 अगस्त को बालसमुद की घटना के 50 दिन बाद ही बस संचालकों ने यातायात नियमों को धता बताना शुरू कर दिया है।


यात्रियों ने बताया कि खरगोन से सेंधवा और खरगोन से बड़वानी की ओर चलने वाली बसों के चालक-परिचालक निर्धारित डे्रस में नजर नहीं आते। निर्धारित मार्ग और ओवर लोड का भी ध्यान नहीं रखा जाता। स्थानी निवासी चंदन कौशल ने सोमवार को बसों के ओवर लोड चलने, चालक परिचालकों द्वारा निर्धारित डे्रस नहीं पहनने और निर्धारित मार्ग पर नहीं चलने आदि की शिकायत टोल फ्री नंबर 0751 2423105 पर दर्ज कराई। यात्रियों ने बताया कि सेंधवा की ओर जा रही बस पर नंबर भी नहीं अंकित था। सोमवार को खरगोन से अहमदाबाद जा रही रानीबाई मेधवाल (80) को खरगोन में पंचोली बस अलीराजपुर वाले ने यह कहकर बैठा लिया कि अहमदाबाद जाएगी और उन्हें राज्य परिवहन का टिकट दे दिया। सवाल यह उठता है कि निजी बस संचालक के पास परिवहन निगम का टिकट कहाँ से आया। इसकी शिकायत जुलवानिया पहुँच कर इस महिला ने टोल फ्री नं. पर शिकायत की जिसका कम्पलेन नं. सी. 0019 है।


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