स्वीडन, अमेरिका के बाद भारतीय सेना होगी बोफोर्स से लैस

जबलपुर| Naidunia| पुनः संशोधित शुक्रवार, 2 मार्च 2012 (07:47 IST)
देश की सैन्य ताकत को मजबूत करने वाली 155 एमएम तोप जबलपुर में बनना प्रारंभ हो गई है। 30 से 40 किलोमीटर दूरी तक की मारक क्षमता वाली इस तोप का सेम्पल दिसंबर 2012 तक तैयार कर लिया जाएगा। यदि स्वदेशी बोफोर्स सेना के मनमाफिक हुई तो स्वीडन और अमेरिका के बाद भारत वह देश होगा जिसकी सेना इससे लैस होगी। यह जानकारी गन कैरिज फैक्टरी के महाप्रबंधक एसपी यादव ने दी।


नईदुनिया के साथ अनौपचारिक चर्चा के दौरान श्री यादव ने बताया कि बोफोर्स निर्माण का आर्डर यदि को मिलता है तो इस्टेट का नक्शा ही बदल जाएगा। यह अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि साबित होगी।


चार सेम्पल के बाद आर्डर
महाप्रबंधक श्री यादव ने बताया कि भारतीय सेना बोफोर्स तोप का परीक्षण करने के उपरांत ही उत्पादन का निर्णय लेगी। प्रारंभिक स्तर पर सेना ने दिसंबर और जून 2013 में दो-दो बोफोर्स के सेम्पल मांगे हैं जिन्हें बनाने का कार्य किया जा रहा है। सेना बोफोर्स के सेम्पल का पूरा परीक्षण करने के पश्चात अपनी रिपोर्ट देगी। यदि उनके मापदंडों पर बोफोर्स खरी उतरी तो उत्पादन किया जाएगा।

पहली दफा बनेगी बोफोर्स

जीसीएफ जबलपुर में इससे पहले तक 1.5 एमएम की तोप बनाई जाती थी। इसकी मारक क्षमता करीब 17 किलोमीटर तक है। 155 एमएम गन बोफोर्स तोप का गोला 105 डायमीटर को होता है। इसकी मारक क्षमता 30 से 40 किलोमीटर होगी।


आसान नही निर्माण
बोफोर्स उत्पादन का सपना जीसीएफ के लिए आसान नहीं होगा। बकौल महाप्रबंधक एसपी यादव बोफोर्स बनाने के लिए काफी मशीनरी की आवश्यकता होगी। प्रशिक्षित स्टॉफ के साथ ही टेस्ंिटग उपकरण, लैब आदि की जरूरत पड़ेगी, जिसकी प्रबंधन व्यवस्था करेगा।




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