लक्ष्य पूरा होने में अभी समय

धार | Naidunia| पुनः संशोधित बुधवार, 30 नवंबर 2011 (01:51 IST)
चमकने के साथ ही रबी की प्रमुख फसल गेहूँ की बोवनी तेज हो गई है। जिले में 2 लाख 8 हजार 200 हैक्टेयर में गेहूँ की बोवनी का लक्ष्य रखा गया है। ताजा आँकड़ों के अनुसार लक्ष्य के विरुद्ध अभी तक 1 लाख 10 हजार हेक्टेयर में गेहूँ बोया जा चुका है। वहीं चने की बोवनी का लक्ष्य 85 हजार हेक्टेयर है। इसके विरुद्ध अभी तक 75 हजार 200 हेक्टेयर में चने की बोवनी हो चुकी है। गेहूँ का रकबा पूरा होने की संभावना कम है। वहीं चने की बोवनी में लक्ष्य के आसपास पहुँचने की बात कही जा रही है।


कृषि विभाग ने इस वर्ष 2 लाख 98 हजार 250 हैक्टेयर में बोवनी का लक्ष्य रखा है। इसमें से अभी तक 1 लाख 88 हजार 470 हैक्टेयर में बोवनी का कार्य हो चुका है। यानी लक्ष्य के विरुद्घ अभी तक 63 प्रतिशत कार्य पूर्ण हुआ है। गौरतलब है कि ठंड नहीं चमकने के चलते इस बार गेहूँ की बोवनी का कार्य पिछड़ गया था। कई किसानों ने इंतजार करना ही उचित समझा। ऐसे में रबी के शुरुआती दौर में गेहूँ की बोवनी के आँकड़े काफी कम थे। जबकि चने की बोवनी तेजी से हुई थी। हालात ये बन गए थे कि गेहूँ की बजाय चने की बोवनी का आँकड़ा आगे निकल गया था। हालाँकि अब परिस्थिति बदल गई है। चने की बोवनी के साथ ही अब गेहूँ की बोवनी में भी गति आई है। इसकी वजह यह है कि गेहूँ की बोवनी के लिए आदर्श परिस्थितियाँ नवंबर के दूसरे पखवाड़े से शुरू होती हैं। हालाँकि विभाग का कहना है कि निमाड़ क्षेत्र में में गेहूँ की बोवनी की जाती है। ऐसे में आने वाले दिनों में निमाड़ क्षेत्र में भी बोवनी शुरू होगी।

लक्ष्य पूर्ति को लेकर संदेह

इधर गेहूँ की बोवनी का कार्य लक्ष्य के विरुद्ध वर्तमान में 50 से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद पानी की कमी सहित अन्य कारणों के चलते लक्ष्य की पूर्ति को लेकर विभाग आशंकित है। हालाँकि 2 लाख से अधिक हेक्टेयर में बोवनी होने में अभी काफी वक्त लगेगा।-निप्र



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