भारतीय संस्कृति में सौभाग्य का प्रतीक है हल्दी कुमकुम

आलीराजपुर | Naidunia| पुनः संशोधित सोमवार, 23 जनवरी 2012 (01:04 IST)
सर्व ब्राह्मण समाज महिला मंडल आलीराजपुर द्वारा यहाँ रणछोड़राय मंदिर में समाज की महिलाओं के हल्दी कुमकुम का आयोजन किया गया। इसे संबोधित करते हुए महिला मंडल अध्यक्ष लता व्यास ने कहा कि हल्दी कुमकुम भारतीय संस्कृति में महिलाओं का सौभाग्य प्रतीक पर्व है। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण के साथ ही शुरू हुआ महिलाओं को सौभाग्य का यह पर्व विशेष महत्व रखता है।


कार्यक्रम में शशि जोशी ने कहा कि इस पर्व के माध्यम से महिलाओं में आपसी उत्साह और मेलजोल का संचार होता है। इससे महिलाओं को कुछ नया करने की प्रेरणा मिलती है। मंडल की मार्गदर्शक सुमन पंचोली ने कहा कि इस पर्व के माध्यम से महिलाएँ विभिन्ना महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर सकारात्मक निर्णय भी लेती हैं। इस पर्व का महिलाओं को वर्षभर इंतजार रहता है। ये लगभग पूरे महीने मनाया जाता है।

रविवार अपरान्ह में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने आपस में एक-दूसरे के मस्तक पर कुमकुम व हल्दी लगाकर अभिवादन किया। साथ ही सौभाग्य की वस्तुएँ बिंदियाँ, चूड़ियाँ, कुमकुम की डिब्बी व बर्तन आदि भेंट किए। सभी को तिल्ली का प्रसाद भी वितरित किया गया। महिलाओं ने भजन भी गाए। संचालन एवं आभार प्रदर्शन रंजना भट्ट ने किया।



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