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Last Modified: सोनभद्र , बुधवार, 3 जून 2026 (10:21 IST)

नोटों की बारिश, गोलियों की गूंज, आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आया नशे का सौदागर

sonbhadra police encounter
आधी रात के सन्नाटे में सोनभद्र की सड़कों पर ऐसा घटनाक्रम हुआ जिसने लोगों को रूपहले पर्दे के रोमांचककारी दृश्यों की याद दिला दी। एक तरफ थी उत्तर प्रदेश पुलिस की मुस्तैद टीम और दूसरी तरफ करोड़ों के नशे के कारोबार से जुड़े तस्कर। बचने के लिए तस्करों ने फिल्मी कथानक कि तरह हथकंडा अपनाया, कभी तेज रफ्तार कार दौड़ाई, पुलिस वाहनों को टक्कर मारी, यहां तक कि रास्ते भर नोटों की गड्डियां उछालकर पुलिस का ध्यान भटकाने की कोशिश भी की। लेकिन योगी की पुलिस ने हार नहीं मानी और आखिरकार दो घंटे तक चले हाईवोल्टेज ऑपरेशन के बाद एक तस्कर को मुठभेड़ में दबोच लिया।
 

तेज रफ्तार से भगाई कार, उछाली नोटों की गड्डियां

सोनभद्र जिले में रात के सन्नाटे को चीरता हुआ यह ऑपरेशन सुबह चार बजे तक लगातार चलता रहा। चोपन, रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक होंडा सिटी कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक पुलिस को देखकर तेज रफ्तार में कार लेकर भाग निकला। इसके बाद शुरू हुआ रोमांच से भरपूर पीछा।
 
पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए तस्कर कभी पहाड़ी रास्तों पर कार दौड़ाते रहे तो कभी पीछा कर रही गाड़ियों को टक्कर मारते रहे। जब उन्हें लगा कि अब बच निकलना मुश्किल है तो उन्होंने सड़क पर नोटों की गड्डियां फेंकनी शुरू कर दीं। नोटों को उछालने से उनकी मंशा साफ हो ती है कि पुलिस लालच में उलझ जाए और उन्हें भागने का मौका मिल जाए। मगर पुलिस का सिर्फ एक मिशन था अपराधियों को पकड़ना था, नोटों की तरफ मुड़कर भी नहीं देखना।

 

स्थानीय निवासी ने की पुलिस की मदद

पुलिस अपने वाहनों से नशा तस्कर का पीछा कर रही थी, तभी सलखन क्षेत्र में एसओजी का वाहन अचानक खराब हो गया। पुलिस क लगा कि उनका मिशन फेल हो जायेगा, तभी ऐसे मुश्किल समय में स्थानीय निवासी प्रदीप कुमार मोदनवाल सामने आया और उसने बदमाश को पकड़ने के लिए निजी कार पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने उसी वाहन से पीछा जारी रखा। तस्करों ने इस कार को भी टक्कर मारकर रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस का हौसला नहीं डिगा।
 

बदमाशों ने चलाई गोलियां

लगातार पीछा करते हुए पुलिस ने विरंजुआ क्षेत्र में तस्करों को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को फंसता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला। मुठभेड़ के दौरान एक गोली पंजाब के लुधियाना निवासी 27 वर्षीय प्रिंस के पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसका दूसरा साथी अंधेरे और दुर्गम इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
 
इस पूरे अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा खुद रातभर मैदान में डटे रहे। उन्होंने न केवल ऑपरेशन की निगरानी की बल्कि अग्रिम मोर्चे पर रहकर टीम का नेतृत्व भी किया। उनकी मौजूदगी ने पुलिस का मनोबल बढ़ाया और आपरेशन को सफलता तक पहुंचाया।
 

गिरफ्तार तस्कर से क्या मिला?

गिरफ्तार तस्कर प्रिंस के कब्जे से तीन किलोग्राम अफीम, 225 किलोग्राम डोडा, लगभग दस लाख रुपये मूल्य की होंडा सिटी कार, एक अवैध तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। बरामद मादक पदार्थों की कुल कीमत करीब 58 लाख 75 हजार रुपये आंकी गई है।
 
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह झारखंड के डाल्टनगंज क्षेत्र से नशीले पदार्थ लाकर विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। अब पुलिस उसके पूरे नेटवर्क की कुंडली खंगाल रही है, ताकि नशे के सौदागरों की पूरी तरह से कमर तोड़ी जा सके।
 
वहीं, ऑपरेशन में अहम सहयोग देने वाले प्रदीप कुमार मोदनवाल की सराहना करते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने उन्हें 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया गया है और एस ओ जी की टीम को 20 हजार का नकद इनाम दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नागरिक सहयोग और पुलिस की सतर्कता के चलते यह बड़ी सफलता हासिल हुई।
edited by : Nrapendra Gupta 
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल