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नया साल मनाओ

शेखर भोंडे बालाघाट गर्रा नया साल
ND

मस्ती लाता धूम मचाता
आ गया फिर नया साल

बम-फटाके धूम-धड़ाके
मौज में है गुड्डू बेहाल

रंग-बिरंगे फूल खिलाकर
प्रकृति ने भी रंग बरसाया

मौसम रंग जमाकर अपना
हर किसी के मन को भाया

नए साल में नई उम्मीदें
अब ना सोना आँखें मींचे

बच्चो अपनी मंजिल पाओ
जग में इतना नाम कमाओ

अपनी इक पहचान बनाकर
नया साल फिर खूब मनाओ।