Kids Poetry | डर
सेजल वर्मा (कक्षा चौथी)
डर से जितना भी भागोगे
डर उतना ही पास आएगा।
अगर सामना करोगे उसका
डर फिर गायब हो जाएगा।
डर तो मन का एक भ्रम है
डर कुछ नहीं बस धूप-छांव है।
हिम्मत हौसला मन में हो तो
डर फिर नजर नहीं आएगा।
डर से जो घबरा जाते हैं
हार के सदा ही आ जाते हैं।
ऐसे ही कमजोर हृदय में
डर अपना घर बनाता है।
श्रम से जो नहीं जी चुराते
पढ़ाई से जो नहीं कतराते
आत्मविश्वास जिनका आभूषण
डर उससे सदा कतराता है।
डर उतना ही पास आएगा।
अगर सामना करोगे उसका
डर फिर गायब हो जाएगा।
डर तो मन का एक भ्रम है
डर कुछ नहीं बस धूप-छांव है।
हिम्मत हौसला मन में हो तो
डर फिर नजर नहीं आएगा।
डर से जो घबरा जाते हैं
हार के सदा ही आ जाते हैं।
ऐसे ही कमजोर हृदय में
डर अपना घर बनाता है।
श्रम से जो नहीं जी चुराते
पढ़ाई से जो नहीं कतराते
आत्मविश्वास जिनका आभूषण
डर उससे सदा कतराता है।
