नैन मिलाते ही जानिए वह रुचि ले रही है या नहीं

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आँख यह बता देती है कि सामने वाले की मुस्कान सच है या बनावटी। सायकोलॉजिस्ट पॉल एकमन के मुताबिक सच्ची और झूठी मुस्कान के पीछ छिपे राज को आँखें बयान कर देती हैं। सच्ची मुस्कान आते ही चेहरे की माँसपेशियों में एक सहज हरकत होती है जो प्रयत्नजनित नहीं होती। सच्ची मुस्कान के समय आँखों के इर्द-गिर्द की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। कान के नजदीक वाले किनारों पर सल पड़ जाते हैं। यही सच्ची मुस्कान का राज है।

आँखों की पुतलियां फैलने का राज जानते हैं अगले पेज पर...




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