- धर्म-संसार
» - व्रत-त्योहार
» - आरती/चालीसा
श्री सांई आरती
कलियुग के श्रीराम हैं सांई, कलियुग के श्रीकृष्ण कन्हाईकलियुग के तुम ब्रह्मा, विष्णु, कलियुग के शिवशंकर सांईजय-जय सांई, ॐ सांई, सत्य सनातन कण-कण सांईकलियुग के गुरुनानक सांई, कालचक्र के क्षण-क्षण सांई,कलियुग के श्रीराम हैं सांई, कलियुग के श्रीकृष्ण कन्हाईकलियुग के तुम ब्रह्मा, विष्णु, कलियुग के शिवशंकर सांईजय-जय सांई, ॐ सांई, सत्य सनातन कण-कण सांईजब-जब विपदा मुझ पर आई, क्रूर धूप जब जग पर छाईबदली बनकर नीलगगन से, मन आंगन पर करुण बनकरपरछाईं बन छाये सांई।कलियुग के श्रीराम हैं सांई, कलियुग के श्रीकृष्ण कन्हाईकलियुग के तुम ब्रह्मा, विष्णु, कलियुग के शिवशंकर सांईजय-जय सांई, ॐ सांई, सत्य सनातन कण-कण सांईअवनि अंबर तुमसे सांई, तुम ही हो जग की सच्चाई,जब-जब छाया जग अंधियारा, जल से ज्योति जलाये सांई,कलियुग के श्रीराम हैं सांई, कलियुग के श्रीकृष्ण कन्हाईकलियुग के तुम ब्रह्मा, विष्णु, कलियुग के शिवशंकर सांईजय-जय सांई, ॐ सांई, सत्य सनातन कण-कण सांईकहने को तुम शिरडी वाले, किंतु सच में सबके सांई,जिसने भी चाहा है मन से, उसका घर शिरडी बन जाता,सांई खुद चलकर आते हैं, संग-संग आती द्वारका माईकलियुग के श्रीराम हैं सांई, कलियुग के श्रीकृष्ण कन्हाईकलियुग के तुम ब्रह्मा, विष्णु, कलियुग के शिवशंकर सांईजय-जय सांई, ॐ सांई, सत्य सनातन कण-कण सांई