योग की मात्र 2 तकनीक से कब्ज समाप्त और पाचनक्रिया हो जाएगी दुरुस्त

Yoga positive thinkin
एक आम समस्या हो चली है। यह अनियमित भोजन शैली, तामसिक भोजन और कसरत ना करने के कारण भी होता है। इसके कारण पाचनतंत्र सुचारू रूप से कार्य नहीं करता है। यदि खाना अच्छे से पचने लगे तो कब्ज भी नहीं हो परंतु समय पर खाना नहीं पचना ही सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में की मात्र 2 तकनीक आपकी कब्ज को दूर करके पाचन क्रिया को दुरुस्त कर देगी।

तीन चीजों से शरीर चलता है अन्न, जल और वायु। अन्न तो आप खा ही रहे हैं कुछ तो भी। अब बस आपको जल वायु पर ध्यान देना है।


जल : पानी का काम भोजन को पचाना होता है। यदि आपने कम पानी पीया है तो यह उचित नहीं है और ज्यादा पीया है तो भी उचित नहीं है सम्यक अर्थात ठीक ठीक मात्रा में पानी पीएं। आपके शरीर को जब प्यास लगे तभी पानी पीएं और उतना ही पीएं जितनी की प्यास है। पीने का पानी वजन घटाने में भी मदद करता है। भोजन के एक घंटा पूर्व पानी पीएं और फिर भोजन के एक घंटा बाद ही पानी पीएं। इस बीच पानी ना पीएं। पानी एकसाथ ना पीएं, घुंट घुंट करके पीएं। शुद्ध जल ही ग्रहण करें।
एक अध्ययन से पता चला है कि भोजन से आधे घंटे पहले आधा लीटर (17 औंस) पानी पीने से डाइटर्स कम कैलोरी खाते हैं और 44% अधिक वजन कम करते हैं, उन लोगों की तुलना में जो पानी नहीं पीते हैं। 1.5 घंटे की अवधि में पीने का पानी 24-30% तक पाचन को बढ़ावा देता है, जिससे आपको कुछ अधिक कैलोरी कम करने में मदद मिलेगी।


वायु : वायु अर्धात प्राणायाम। इसीसे भोजन पचकर शरीर से टॉक्सिन बाहर निकलते हैं। यदि आप उचित तरीके से और भरपूर शुद्ध वायु ग्रहण नहीं कर रहे हैं तो फिर भोजन पचने या कब्ज समाप्त होने की भी कोई गारंटी नहीं। इसके लिए आप प्राणायाम नहीं कर सकते तो आप मात्र एक कार्य करे गहरी श्वास ले और छोड़े। अर्थात पूरक, रेचक और कुंभक करें। पहले श्वास गहरी लें पेट तक। फिर कुछ देर तक उसे रोककर रखें। फिर धीरे धीरे तब तक छोड़ते रहे जबतक की पेट भीतर चिपकने ना लगे। ऐसे आप कम से कम 10 बार करें और यह प्रक्रिया दिन में 3 बार दोहराएं। धीरे-धीरे आपका खाना पचने लगा। शुद्ध वायु ही ग्रहण करें।



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