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Shakti pan Mudra Yoga | तीसरी आंख खोले- शक्ति पान मुद्रा योग

Shakti Pan Yog Mudra
योग दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म है। यदि योग अनुसार जीवन शैली ढाली जाए तो कुछ भी संभव हो सकता है। योग का एक अंग हस्तमुद्रा योग है जो योग की सबसे सरलतम विद्या है। यहां प्रस्तुत है शक्तिपान मुद्रा की विधि और लाभ।
 
मुद्रा बनाने की विधि- सबसे पहले दोनों हाथों के अंगूठे और तर्जनी अंगुली को इस तरह से मिला लें कि पान की सी आकृति बन जाएं तथा दोनों हाथों की बची हुई तीनों अंगुलियों को हथेली से लगा ले, इसे ही शक्ति पान मुद्रा कहते हैं।
 
इस मुद्रा का लाभ- इस मुद्रा को करने से जहां दिमागी संतुलन और शक्ति बढ़ती है, वहीं इसके निरंतर अभ्यास से भृकुटी में स्थित तीसरी आंख जाग्रत होने लगती है जिसे सिक्स्थ सेंस कहते हैं।
 
इसके अलावा इस मुद्रा को करने से क्रोध, सुस्ती और तनाव दूर हो जाता है साथ ही इससे याददाश्त भी बढ़ती है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें
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