योग से कमर को बनाएँ सुडौल
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कटिचक्रासन
स्टेप-1
कटि चक्रासन करें। सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएँ। फिर दोनों होथों को कमर पर रखकर कमर से पीछे की ओर जहाँ तक संभव हो झुककर वहाँ रुकें। अब साँस की गति सामान्य रखकर आँखें बंद कर लें और कुछ देर इसी पोजिशन में रुकने के बाद वापस आ जाएँ। ४-५ बार दोनों ओर से इसका अभ्यास कर लें।
स्टेप-2
इसके बाद पुनः सावधान मुद्रा में खड़े होकर दाएँ हाथ को बाएँ कंधे पर और बाएँ हाथ को दाएँ कंधे पर रखकर पहले दाईं ओर कमर से पीछे की ओर मुड़े। गर्दन को भी मोड़कर पीछे की ओर देखें। अब साँस की गति सामान्य रखकर आँखें बंद कर लें और कुछ देर इसी पोजिशन में रुकने के बाद वापस आ जाएँ। 4-5 बार दोनों ओर से इसका अभ्यास कर लें। इसी तरह बाईं ओर मुड़कर करें।
स्टेप-3
सावधान मुद्रा में खड़े होकर फिर हथेलियों को पलटकर हाथों को ऊपर उठाकर समानांतर क्रम में सीधा कर लें। साँस लेते हुए कमर को बाईं ओर झुकाएँ। इसमें हाथ भी साथ-साथ बाईं ओर चले जाएँगे। अधिक से अधिक कमर झुकाकर वहाँ रुकें। अब साँस की गति सामान्य रखकर आँखें बंद कर लें और कुछ देर इसी पोजिशन में रुकने के बाद वापस आ जाएँ। 4-5 बार दोनों ओर से इसका अभ्यास कर लें।
स्टेप-4
शवासन में लेटकर पहले दोनों हाथ समानांतर क्रम में फैला लें। फिर दाएँ पैर को बाईं ओर ले जाएँ और गर्दन को मोड़कर दाईं ओर देखें। इस दौरान बायाँ पैर सीधा ही रखें। फिर इसी क्रम में इसका विपरित करें। 4-5 बार दोनों ओर से इसका अभ्यास कर लें।
इसके लाभ : यह योग कमर की चर्बी को कम करता है। इसके अलावा यह कब्ज व गैस की प्रॉब्लम दूर करके किडनी, लीवर, आँतों व पैन्क्रियाज को भी स्वस्थ बनाए रखने में सक्षम हैं।
-पवन सूद, योग प्रशिक्षिका रायपुर (मेट्रो डेस्क)।-ND

