1. लाइफ स्‍टाइल
  2. योग
  3. आलेख
  4. बदल दें लाइफ स्टाइल
Written By अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'

बदल दें लाइफ स्टाइल

जीवन में लाएँ व्यवस्था और जोश

योगा
जीवन के संघर्ष और झंझावतों के बीच झूलते रहने से काम नहीं चलेगा। शांतिमय जीवन और सफलता के लिए जरूरी है कि हम अपने जीवन के ढर्रे को पूरी तरह बदल दें। बदल दें वह सब कुछ जो पुराना पड़ चुका है या जिसकी वजह से हम स्वयं से दु:खी हो चले हैं। जीवन में हो उत्साह और जोश तो आओ जानें क‍ि कैसे होगा यह संभव।

IFMIFM
स्वाध्याय : आप स्वयं के ज्ञान, कर्म और व्यवहार की समीक्षा करते हुए पढ़ें वह सब कुछ जिससे आपके आर्थिक जीवन को तो लाभ मिलता ही हो, साथ ही आपको इससे खुशी ‍भी मिलती हो। तो बेहतर किताबों को अपना मित्र बनाएँ।

तप : इसकी शुरुआत आप छोटे-छोटे संकल्प से कर सकते हैं। संकल्प लें कि आज से मैं अपनी जीवनचर्या बदल दूँगा। बदल दूँगा वह सब कुछ जिसे बदलने के लिए मैं न जाने कब से सोच रहा हूँ और सच मानें तो सिर्फ सोच ही रहा हूँ।

ईश्वर प्राणिधान : सिर्फ एक ही ईश्वर है जिसे ब्रह्म या परमेश्वर कहा गया है। इसके अलावा और कोई दूसरा ईश्वर नहीं है, और सच मानो तो यह ईश्वर निराकार है। उसके अलावा आप किसी में भी आस्था न रखें। चाहे सुख हो या घोर दु:ख, उसके प्रति अपनी आस्था को डिगाएँ नहीं। इससे आपके भीतर पाँचों इंद्रियों में एकजुटता आएगी और लक्ष्य को भेदने की ताकत बढ़ेगी। वह लोग जो अपनी आस्था बदलते रहते हैं वे भीतर से कमजोर होते जाते हैं।

रेचक : तेज, गहरी तथा अराजकपूर्ण भस्रिका से भी अधिक तीव्रता से श्वास लें। इसमें श्वास लेने से ज्यादा जोर छोड़ने पर। श्वास का झंझावात खड़ा कर दें जो आपके तन-मन को झकझोर दे ऐसा। चीखें, चिल्लाएँ, नाचें, गाएँ, रोएँ, कूदें, हंसें या फिर शरीर को इस कदर हिलाएँ-डुलाएँ की जैसे कोई भूत आ गया हो। पूरी तरह से पागल हो जाएँ। सिर्फ 10 मिनट के लिए और फिर 10 मिनट का ध्यान करें। लेकिन यह सब योग चिकित्सक की देखरेख में ही करें।

आहार : आप क्या खाते हैं और कब खाते हैं यह जानना जरूरी है। क्या आप कभी भी और कुछ तो भी खाते रहते हैं। यदि ऐसा है तो सोचें कि आपका शरीर आपकी इस आदत से कितना त्रस्त होगा। आप यौगिक आहार के बारे में योग चिकित्सक से सलाह लें।

योग पैकेज : अब हम बात करते हैं योग एक्सरसाइज की। हम जानते हैं कि आपके पास समय नहीं है तब क्या करें? समय हो तब भी आप क्या करें? तब फटाफट सूर्य नमस्कार की 12 स्टेप को अच्छे से सीखकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें। दूसरा अनुलोम-विलोम और कपालभाँति करें, बस।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें