जानिए तप योग को
तपस्या से तपाओ स्वयं को
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तपस्या की शुरुआत : तप की शुरुआत आप छोटे-छोटे संकल्प से कर सकते हैं। अपनी बुरी आदतों को छोड़ने का संकल्प ले। आहार संयम का संकल्प लें और फिर धीरे-धीरे सरल से कठिन तप की और बढ़ते जाएं। ध्यान रखें की तप में शरीर को सताना नहीं है बल्कि शरीर के दूषित पदार्थ बाहर निकालकर शरीर और मन को मजबूत बनाना है।
तप के हजारों प्रकार हो सकते हैं। तप से सिद्धियों का मार्ग खुलता है। प्रारंभ में तप की शुरुआत आहार और जल संयम से की जाती है। इसमें धीरे-धीरे संकल्प की शक्ति को बढ़ाया जाता है। संकल्प लें कि यम और नियम को साधने का प्रयास करेंगे- यही तप है। यह संकल्प, अनुशासन और प्राप्ति का रास्ता है।
तप का लाभ : तप से मानसिक और शारीरिक शक्ति का विकास होता है। शरीर, मन और मस्तिष्क हमेशा सेहतमंद बने रहते हैं। इससे आत्मबल बढ़ेगा। इस योग से किसी भी प्रकार का रोग और शोक नहीं सताता। इससे जहां व्यक्ति के भीतर के क्रोध, लोभ, काम, बेहोशी आदि विकार निकलते हैं वहीं शरीर ताकतवान बनकर जीवन की प्रत्येक बाधाओं को पार कर जाता है।

