सावनी भट्ट : नन्ही उम्र की लंबी उड़ान

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उसकी आवाज में जादू है। उसकी आंखों में सुनहरे सपने हैं। वह बोलती है तो आत्मविश्वास उसके चेहरे पर चमकता है। सफलताएं उसकी मुट्ठी में है पर वह संघर्ष का महत्व जानती है। पर आज हम आपको मिलवा रहे हैं उस होनहार प्रतिभा से जो निश्चित रूप से भविष्य में भारत का परचम लहराएगी।

नाम: । कक्षा : दसवीं। उपलब्धि : गणतंत्र दिवस कैंप में भाग लेने वाली देश की सबसे छोटी उम्र की कैडेट्स में से एक, देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों के सामने मंच संचालन के लिए चयन। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ से कुशल सुरूचिपूर्ण संचालन के लिए प्रशंसा और विशेष पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी प्राप्त करना।




सावनी भट्ट मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ डायरेक्टरेट की एनसीसी एयरविंग कैडेट हैं। देश की अग्रणी एमपी एयर स्क्वाड्रन एनसीसी (एयर विंग) में कैडेट सावनी इंदौर निवासी है। सावनी एनसीसी चयन को अपने जीवन का सबसे उचित और महत्वपूर्ण फैसला मानती हैं।

सावनी के अनुसार एनसीसी में आप करीब 4 महीने पढ़ाई से दूर रहते हैं। लेकिन यहां किताब के बाहर की जिंदगी सीखने को मिलती है। कभी एक दिन आप रात तीन बजे तक जागते हैं तो अगले दिन सुबह चार बजे से जागना होता है। घड़ी के कांटे पर दिनचर्चा चलती है। देश के लाखों कैडेट्स में से चुने गए करीब दो हजार में से कोई भी आपकी जगह ले सकता है। इसलिए बेस्ट ऑफ़ द बेस्ट बनें रहने की चुनौती आपको सोने नहीं देती। फिर उम्र में छोटे और जूनियर विंग के कैडेट्स होने की अपनी सीमाएं हैं लेकिन मैंने हर चुनौती का खुशी से स्वागत किया और राहें अपने आप खुलती गई। सावनी को स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर विंग कमांडर अमित व्यास, आरडीसी कैम्प में कॉन्टिनजेन्ट के लीडर कर्नल सार्थक घोष, मेजर माया ने प्रशिक्षित किया था।

सावनी, कथक और शास्त्रीय संगीत की विधिवत शिक्षा ले रहीं हैं। इन दोनों विधाओं के साथ वेस्टर्न भी गाती हैं। फिटनेस के लिए योग, बैडमिंटन और बास्केटबॉल खेलती हैं। सावनी, अपनी मां कनकश्री भट्ट के अतिरिक्त प्रधानमंत्री मोदी, शिवाजी, रानी झांसी, वीर सावरकर, भगत सिंह, श्रीनिवास रामानुजन को अपना आदर्श मानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वह क्यों प्रभावित है पूछने पर सावनी बताती है क्योंकि वे जीवन में संघर्ष करके यहां पहुंचे हैं, अपनी मां का सम्मान करते हैं, बड़ी से बड़ी सोच रखने के साथ उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत अभियान भी चलाते हैं।
सावनी कहती हैं कि एनसीसी कैडेट्स, अपने ध्येय वाक्य 'एकता और अनुशासन' के लिए जाने जाते हैं। अपना बेस्ट परफॉर्म करते हैं। आप एक कैडेट को उसके 'जय हिंद' के अभिवादन और व्यवहार तथा आत्मविश्वास से पहचान सकते हैं। एनसीसी छात्रों को एक बड़ा मंच देती है। फ्लाइंग, फायरिंग, एरो मॉडलिंग, परेड के साथ में आपके व्यक्तिव को निखारती है। भारत के भविष्य को गढ़ती है। मुझे खुशी है एक कैडेट बनने की। सावनी रेडियो में वॉइस ओवर्स देती हैं। जिंगल भी गाती है। सावनी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, वायुसेना अध्यक्ष की सराहना के साथ विशेष पुरस्कार स्वरूप ट्रॉफी भी दी गई।





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