रोड पर आपको भी आता है गुस्सा, अपनाइए ये टिप्स

पुनः संशोधित शुक्रवार, 4 दिसंबर 2015 (11:02 IST)
ह हकीकत है कि ज्यादातर पर खुद के बनाए करते हैं। खुद के लिए खास जगह बनाना और भीड़ में से निकलने की कोशिश इसके उदाहरण हैं।  इस तरह की हरकतों से अक्सर सड़क पर झगड़े की स्थिति बन जाती है।
लोग उत्तेजित हो जाते हैं। हर किसी को गलतियों का पहाड़ नजर आने लगता है और ऐसे में सब अपनी कहना चाहते हैं। कोई किसी को सुनने को तैयार नहीं होता और नतीजा रोड पर जाम लग जाना, परंतु सोचिए क्या यह सिर्फ उसी समय का गुस्सा है या कुछ और है जो आपको परेशान कर रहा है और रोड पर झगड़े के रूप में सामने आ रहा है।  
 
विशेषज्ञों का कहना है कि हम सभी तेज जिंदगी में जी रहे हैं, जहां काम के मुकाबले सभी को समय कम है। लोग स्ट्रेस से जूझ रहे हैं जिस वजह से धैर्य और सहनशीलता में जबरदस्त कमी आ चुकी है। सडक पर लड़ने वाले लोग चिंता, डर और जल्दी से भरे हुए हैं जो हिंसा और खराब व्यवहार के रूप में सामने आते हैं। 
 
रोड पर बढते झगड़े लाइफ स्टाइल में आ चुके बड़े बदलाव का नतीजा है। न्यूक्लियर परिवार और दूर जाते रिश्ते इस तरह के नए समाज को निर्धारित कर रहे हैं। कई बार नए लोग सड़क पर अपनी पहुंच और पैसों के गुरूर में जान-बूझकर ऐसी स्थिति खड़ी करते हैं जिससे रोड पर झगड़े का माहौल बने। 
 
कुछ साधारण टिप्स अपनाकर इस तरह की स्थितियों को बहुत हद तक काबू किया जा सकता है।   
 
1. अपने समय का सही उपयोग करें। घर से जल्दी निकलें जिससे ट्रैफिक में फंसने पर आप चिंतित न हों।
 
2. स्ट्रेस खत्म करने के नेचुरल उपाए अपनाएं। माने की आपको स्ट्रेस हैं बजाय सडक पर लड़ने के अपनी व्यक्तिगत समस्याओं को सुलझाएं। 
 
3.  लंबी सांस लें। अपनी सांस पर ध्यान दें। कई बार यह क्रिया दोहराएं। 
 
4. धीरे धीरे रिलेक्स, टेक इट इजी जैसे शब्द दोहराएं। खुद को नियंत्रित करने का प्रयास करें। स्थिति पर सोचें फिर रिएक्ट करें। 
 
5. अपना ध्यान बांटने की कोशिश करें। ऐसी चीज सोचे जो आपको पसंद हो चाहे वह संगीत हो या आपका कुत्ता। 
 
6. धमकी देने से बचें। 'मैं तुम्हें बाद में बताऊंगा' 'ऐसा सबक सिखाऊंगा कि हमेशा याद रहेगा' जैसे वाक्य कहने से बचें।
 
7. ध्यान करना शुरू करें। रिलेक्सेशन और मेडिटेशन स्ट्रेस से छुटकारा दिलाती हैं। इन प्रैक्टिस से आपका व्यवहार संयमित बनता है। 



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