Fact Check: क्या वाकई 12 की जगह अब 13 राशियां हो गई हैं, जानिए पूरा सच...
सोशल मीडिया पर इन दिनों दावा किया जा रहा है कि अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने एक नई राशि को शामिल कर लिया है, जिसके बाद अब कुल 13 राशियां हो गई हैं। नई राशि का नाम ऑपहिकस है, जिसकी स्थिति वृश्चिक और धनु के बीच बताया जा रहा है। बता दें, आमतौर पर ज्योतिष में 12 राशियां होती हैं।
क्या है वायरल-
कई यूजर्स ने नई राशि के चिन्ह और उसके मुताबिक आने वाली तारीखों को जोड़कर पोस्ट में लिख रहे हैं कि नासा ने हाल ही में मौजूदा 12 राशियों में ऑपहिकस नामक 13वीं राशि को जोड़ा है।
क्या है सच-
वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। नासा ने 17 जुलाई को अपने एक ट्वीट में वायरल दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसने 13वीं राशि को नहीं जोड़ा है।
बता दें, ऐसे दावे साल 2016 में भी वायरल हुए थे। हालांकि, तब भी नासा ने इसे अफवाह बताया था। हालांकि नासा ने बयान जारी कर इस राशि से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी साझा कीं। नासा के मुताबिक ये सच है कि ब्रह्माण्ड के फैलाव का असर राशियों पर भी पड़ रहा है और आने वाले समय में इस राशि का इस्तेमाल किया जाना जरूरी हो जाएगा इस बात से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि नासा ने फिलहाल निकट समय में ऐसे किसी भी फैसले से इनकार किया है।
नासा ने बताया है कि बेबीलोन सभ्यता के लोगों ने 13 सितारों वाले तारामंडल की कल्पना की थी और इसलिए उन्होंने ही 13 राशियों का इस्तेमाल भी किया। हालांकि बाद में इसी सभ्यता के फॉलोवर्स ने 12 महीने वाले कैलेंडर के मुताबिक सिर्फ 12 राशियां ही इस्तेमाल में रखीं।
कई यूजर्स ने नई राशि के चिन्ह और उसके मुताबिक आने वाली तारीखों को जोड़कर पोस्ट में लिख रहे हैं कि नासा ने हाल ही में मौजूदा 12 राशियों में ऑपहिकस नामक 13वीं राशि को जोड़ा है।
NASA introduced a new zodiac sign and changed horoscope dates, are you happy with your new star sign? pic.twitter.com/a3bFcAUsoo
— House of Khath (@IG_Jay_Khath) July 22, 2020
क्या है सच-
वेबदुनिया ने अपनी पड़ताल में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है। नासा ने 17 जुलाई को अपने एक ट्वीट में वायरल दावे को खारिज करते हुए कहा कि उसने 13वीं राशि को नहीं जोड़ा है।
We see your comments about a zodiac story that re-emerges every few years. No, we did not change the zodiac.
— NASA (@NASA) July 17, 2020
When the Babylonians invented the constellations 3,000 years ago, they chose to leave out a 13th sign. So, we did the math: https://t.co/DQOs5VSjT7 pic.twitter.com/WlblguobGT
बता दें, ऐसे दावे साल 2016 में भी वायरल हुए थे। हालांकि, तब भी नासा ने इसे अफवाह बताया था। हालांकि नासा ने बयान जारी कर इस राशि से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी साझा कीं। नासा के मुताबिक ये सच है कि ब्रह्माण्ड के फैलाव का असर राशियों पर भी पड़ रहा है और आने वाले समय में इस राशि का इस्तेमाल किया जाना जरूरी हो जाएगा इस बात से भी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि नासा ने फिलहाल निकट समय में ऐसे किसी भी फैसले से इनकार किया है।
नासा ने बताया है कि बेबीलोन सभ्यता के लोगों ने 13 सितारों वाले तारामंडल की कल्पना की थी और इसलिए उन्होंने ही 13 राशियों का इस्तेमाल भी किया। हालांकि बाद में इसी सभ्यता के फॉलोवर्स ने 12 महीने वाले कैलेंडर के मुताबिक सिर्फ 12 राशियां ही इस्तेमाल में रखीं।
