1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. Uttar Pradesh, Yogi Adityanath, Womens Reservation
Last Updated :लखनऊ , रविवार, 19 अप्रैल 2026 (21:53 IST)

आधी आबादी के मन में विपक्ष के नारी विरोधी आचरण को लेकर भारी आक्रोश : योगी आदित्यनाथ

Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रिपल तलाक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया तब ट्रिपल तलाक के खिलाफ बनाए गए कानून का भी कांग्रेस और INDI गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने विरोध किया था। कांग्रेस को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर प्राप्त हुआ लेकिन नारी, गरीब, युवा और किसान के लिए किसी भी अच्छे प्रोग्राम को आगे नहीं बढ़ा पाए।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम कह सकते हैं कि आधी आबादी के मन में विपक्ष के नारी विरोधी आचरण के बारे में भारी आक्रोश है। ये आक्रोश कांग्रेस, राजद, TMC, DMK, सपा और अन्य दलों के खिलाफ देखने को मिल रहा है जो इस पाप के भागीदार थे।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने 2014 में जब देश की सत्ता संभाली थी तब एक बात बहुत स्पष्ट किया था कि देश के अंदर चार जातियां है- महिला, गरीब, युवा और किसान। 
सीएम योगी ने कहा कि भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर अपने स्वयं के परिवार के लिए देश को लूटा है, स्वाभाविक रूप से यह उनके लिए चुनौती और चेतावनी भी है। इसलिए पीएम मोदी जी के नेतृत्व में जब भी प्रोग्रेसिव कदम उठा है तो कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने प्रोग्रेसिव कदमों का विरोध किया। देश की संसद में जो कृत्य इंडी गठबंधन का जो आचरण रहा है उस पर केंद्रित यह प्रेस कांफ्रेंस है
 
हम सब इस बात को जानते हैं कि प्रधानमंत्री जी ने 2014 में देश की सत्ता जब अपने हाथों में ली थी,तब उन्होंने एक बात स्पष्ट कही थी कि, इस देश मे सिर्फ 4 ही जातियां हैं, नारी, गरीब, युवा, किसान है। भारत को कमजोर करने की नीयत से जिन लोगों ने जातिवाद के नाम पर जिन लोगों ने अपने परिवार का भरण पोषण कर उनके लिए देश को लूटा है,स्वाभाविक रूप से यह उनके लिए यह एक चुनौती थी,और चेतावनी भी थी। 
 
इसीलिए उन्होंने हमेशा ऐसे प्रोग्रेसिव कदम का जो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में जब भी उठा है,कांग्रेस व उसके जितने भी पार्टनर हैं,उन्होंने हमेशा उस प्रोग्रेसिव सोच को,और देशहित के लिए उठाए जा रहे कदम का विरोध करते रहे। यह प्रेस वार्ता विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम की दृष्टि से क्या हुआ है,और पब्लिक रिएक्शन क्या है,इसके बारे में आहूत की गई है।
 
आधी आबादी के मन मे विपक्ष के इस नारी विरोधी आचरण के बारे में भारी आक्रोश है। वह आक्रोश कांग्रेस और इंडी गठबंधन के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी,आरजेडी, टीएमसी,डीएमके,अन्य उन दलों का जो इस पाप में भागीदार थे,उनके प्रति आधी आबादी के मन मे आक्रोश देखने को मिल रहा है कि,कैसे प्रधानमंत्री जी द्वारा उठाये जाने वाले देशहित,समाजहित के कदमो को बैरियर के रूप में इंडी गठबंधन किस हद तक जाकर षड्यंत्र करता है।

ऐसा नहीं कि इन लोगों को देश के अंदर सत्ता में रहने का अधिकार न प्राप्त हुआ हो। आज जो लोग महिलाओं के हक की बात की दुहाई देते हैं, उनसे पूछा जाना चाहिए कांग्रेस और इंडी गठबंधन को देश के अंदर सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर प्राप्त हुआ। 
 
सबसे अधिक समय तक, लेकिन जिन चार जातियों का उल्लेख प्रधानमंत्री मोदी ने किया, नारी के लिए भारत की आधी आबादी, गरीब के लिए, अन्नदाता किसान के लिए और युवा के लिए कोई भी अच्छी सोच, अच्छे प्रोग्राम, प्रोग्रेसिव सोच को कभी भी इंडी गठबंधन कभी भी आगे नहीं बढ़ा पाया। जब भारत का संविधान निर्माण हो रहा था,तब संविधान निर्माण के समय भी धर्म के आधार पर आरक्षण देने की मांग उठी थी।

सर्वसम्मति से इसका तब सभी पक्षों ने विरोध किया था। बाबा साहब ने इसपर तीखी टिप्पणी लिखी थी- "एकबार विभाजन हो गया है, भारत दूसरे विभाजन के लिए तैयार नही हो सकता".. लौहपुरुष सरदार पटेल जी ने इसका विरोध किया,संविधान निर्माण समिति के सभी सदस्यों ने इसका पुरजोर विरोध किया। लेकिन समाजवादी पार्टी और उनके अन्य सहयोगी, कांग्रेस की उस रणनीति में साझीदार रहे।
Edited by : Sudhir Sharma
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें