चांदी को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, आयात के नियम किए सख्त, जानिए क्यों उठाया यह कदम?
Government imposes Import Curbs on silver : चांदी के आयात को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच शनिवार को चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध लगा दिए। इसके तहत कीमती धातु की कई श्रेणियों को 'मुक्त' आयात नीति से 'प्रतिबंधित' आयात नीति के अंतर्गत रखा गया है। अब चांदी से जुड़े विभिन्न उत्पादों के आयात के लिए सरकार की स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। ये नया नियम तुरंत लागू कर दिया गया है। ये कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ ही दिनों पहले केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था।
सरकार की स्वीकृति लेना अनिवार्य
चांदी के आयात को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच शनिवार को चांदी के आयात पर नए प्रतिबंध लगा दिए। इसके तहत कीमती धातु की कई श्रेणियों को 'मुक्त' आयात नीति से 'प्रतिबंधित' आयात नीति के अंतर्गत रखा गया है। अब चांदी से जुड़े विभिन्न उत्पादों के आयात के लिए सरकार की स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।
नया नियम तुरंत लागू
ये नया नियम तुरंत लागू कर दिया गया है। ये कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ ही दिनों पहले केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क को 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। इसके अलावा, सोने-चांदी के आयात पर 3 फीसदी 'इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स' (IGST) भी लगाया गया था। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने नया नोटिफिकेशन जारी कर बताया है कि अब चांदी के आयात पर सख्ती बढ़ा दी गई है।
क्या है नया नियम?
संशोधित नियमों के तहत चांदी की छड़ों, बिना तराशी हुई चांदी और अर्ध-निर्मित चांदी के रूपों, जिनमें पाउडर के रूप में चांदी भी शामिल है, के आयात के लिए अब सरकार की अनिवार्य स्वीकृति आवश्यक होगी। चांदी के आयात की कुछ श्रेणियों को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अधीन भी कर दिया गया है। ये बदलाव ITC (HS) वर्गीकरण के तहत आयात नीति अनुसूची में संशोधन के माध्यम से किए गए हैं।
क्या है फैसले का मकसद?
सरकार के इस फैसले का मकसद बढ़ते आयात को नियंत्रित करना, घरेलू बाजार को संतुलित रखना और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करना माना जा रहा है। आयात शुल्क बढ़ने और अब इम्पोर्ट कर्ब लगने से आने वाले समय में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
DGFT ने आयात के लिए आवश्यक लाइसेंस लेने के लिए पहली बार आवेदन करने वालों को अनुमोदन दिए जाने से पहले विनिर्माण सुविधाओं का अनिवार्य भौतिक निरीक्षण करवाना और दोबारा आवेदन करने वालों के लिए सख्त अनुपालन शर्तें भी लागू की हैं।
जमा करनी होगी पाक्षिक रिपोर्ट
इसके अलावा शुल्क मुक्त सोना आयात करने वाले निर्यातकों को चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा प्रमाणित, आयात और निर्यात लेनदेन का विवरण देते हुए पाक्षिक रिपोर्ट जमा करनी होगी। सरकार ने ये सख्त नियम तब लागू किए गए हैं जब आयात की मात्रा कम होने के बावजूद भारत का सोने का आयात 2025-26 में 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर (लगभग 6.91 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंच गया।
Edited By : Chetan Gour
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