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Last Modified: शनिवार, 16 मई 2026 (14:37 IST)

एयरपोर्ट पर हाई-वोल्टेज ड्रामा: एयर फोर्स वन पर चढ़ने से पहले अमेरिकी स्टाफ ने चीनी गिफ्ट्स को डस्टबिन में क्यों फेंका?

US delegation throws away Chinese gifts
अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 3 दिवसीय यात्रा समाप्त होने के बाद अमेरिका पहुंच गए। उन्होंने अपनी चीन यात्रा को बेहद सफल बताया लेकिन उनके डेलिगेशन की एक हरकत से यात्रा की सफलता संदेह के घेरे में आ गई। अमेरिकी डेलिगेशन में शामिल हर शख्स चीन में मिले गिफ्ट को अमेरिका जाने से पहले डस्टबिन में फेंक दिया। ALSO READ: जिनपिंग की जिस बात पर अमेरिकी भड़के, ट्रंप बोले- 'भाई' ने एकदम सही कहा, लेकिन...
 
राष्ट्रपति ट्रंप के बीजिंग के वापसी करने से पहले एयरपोर्ट पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने सभी को हैरान कर दिया। अमेरिका लौटने के लिए एयर फोर्स वन में सवार होने से पहले व्हाइट हाउस स्टाफ ने चीनी अधिकारियों की तरफ से दिए गए क्रेडेंशियल्स, बर्नर फोन, डेलीगेशन पिन और अन्य सामग्रियों को इकट्ठा कर नष्ट कर दिया या फेंक दिया।

ट्रूथ सोशल पर क्या बोले ट्रंप? 

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा, ब्रेकिंग न्यूज़: पूरे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) ने कैमरे के सामने, एयर फ़ोर्स वन में सवार होने से ठीक पहले, सीढ़ियों के नीचे रखे कचरे के डिब्बों में चीन से मिला हर एक गिफ्ट फेंक दिया है। हर एक बैच, पिन, यादगार स्मारिका (सोवेनियर)… सब कुछ खत्म। स्टाफ और मीडिया कर्मियों को दिए गए चीन निर्मित सभी फोन… डस्टबिन के हवाले कर दिए गए।
 
उन्होंने कहा कि चीन में बनी किसी भी चीज को विमान के अंदर ले जाने की इजाजत नहीं थी। घर वापसी की उड़ान के लिए व्यक्तिगत उपकरणों को फैराडे बैग में रखवा दिया गया था। व्हाइट हाउस सुरक्षा और सीक्रेट सर्विस ने हवाई जहाज की सीढ़ियों पर ही इस नियम को सख्ती से लागू किया।
 
पोस्ट में कहा गया कि जब ट्रंप से कैमरे पर जासूसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा: "हमने इस पर चर्चा नहीं की क्योंकि हम भी उन पर उतनी ही जासूसी करते हैं जितनी वे हम पर करते हैं।" यह कोई तुरंत लिया गया फैसला नहीं था — यह पहले से तय प्रोटोकॉल था। यह ठीक वही काउंटर-इंटेलिजेंस प्लेबुक है जिसे अमेरिका सालों से बीजिंग और मॉस्को में चलाता आ रहा है। इस बार एकमात्र अंतर क्या था? किसी ने इसे कैमरे में कैद कर लिया।
 
 ट्रंप ने एलन मस्क और जेनसेन हुआंग के साथ चीन में एंट्री की थी। जब वे रवाना हुए, तो विमान में चीन की एक भी चीज़ मौजूद नहीं थी। न कोई पिन, न कोई फोन, न ही कोई स्मारिका। विमान में सवार होते समय सुरक्षा का यह सख्त रवैया साफ बयां करता है कि हाथ मिलाने वाली तस्वीरें खिंचवाने के बाद, वाशिंगटन वास्तव में बीजिंग को किस नजर से देखता है।
 
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बीजिंग की यात्रा पर गई न्यूयॉर्क पोस्ट की व्हाइट हाउस कोरेसपोंडेंड एमिली गुडिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, अमेरिकी स्टाफ ने चीनी अधिकारियों द्वारा दी गई हर एक चीज (पहचान पत्र, व्हाइट हाउस स्टाफ से लिए गए बर्नर फोन, प्रतिनिधिमंडल के लिए दिए गए पिन) को ले लिया।

उन्होंने कहा कि एयर फोर्स वन (AF1) पर चढ़ने से पहले उन सभी को इकट्ठा किया और सीढ़ियों के नीचे रखे एक कचरे के डिब्बे में फेंक दिया। चीन की कोई भी चीज विमान पर ले जाने की अनुमति नहीं है। हम कुछ ही समय में अमेरिका के लिए उड़ान भरने वाले हैं।
मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि यह कदम अमेरिका की उच्च स्तरीय सुरक्षा और काउंटर-इंटेलिजेंस प्रोटोकॉल का हिस्सा था। अमेरिका अक्सर जासूसी या डेटा चोरी के खतरे को रोकने के लिए अपने रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी देशों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और संवेदनशील सामग्रियों को नष्ट कर देता है।
edited by : Nrapendra Gupta 
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