उत्तरप्रदेश के हापुड़ से एक ऐसा हृदयविदारक मामला सामने आया है, जिसने न केवल रिश्तों की गरिमा को तार-तार कर दिया, बल्कि इंसानियत और संवेदनाओं को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। एक बेटे पर अपनी मां, पिता और पत्नी की संदिग्ध मौतों को 'दुर्घटना' साबित करते हुए करोड़ों रुपए के बीमा क्लेम लेने का सनसनीखेज आरोप उजागर हुआ है। यह मामला उस समय उजागर हुआ जब आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा पश्चिमी उत्तरप्रदेश में चल रहे करोड़ों के बीमा घोटाले की जांच कर रही थीं।
जांच के दौरान सामने आया कि मेरठ के रहने वालज मुकेश सिंघल नामक व्यक्ति के नाम पर 50 करोड़ की 64 बीमा पॉलिसियां ली गई थीं। जब इन पॉलिसियों की जांच की गई तो यह पूरा मामला शक के घेरे में आ गया। विशाल नाम के शख्स ने अपने पिता के नाम से 5 दर्जन से अधिक बीमा पालिसी ले रखी थी।
विशाल इससे पहले भी इसी तरह की साजिश रचकर अपने ही परिवार को निशाना बना चुका है। पहले पत्नी की मौत और 25 लाख का क्लेम, फिर मां प्रभा देवी की सड़क हादसे में मौत और 80 लाख का क्लेम पा चुका है और अब पिता मुकेश सिंघल को गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) स्नान भेजकर संदिग्ध सड़क हादसे में मौत दिखाकर 39 लाख का बीमा क्लेम लेना चाह रहा था, लेकिन इस बार किस्मत ने विशाल के साथ धोखा कर दिया और जांच में उसका पूरा खेल उजागर हो गया।
हापुड़ पुलिस की गिरफ्त में आए विशाल ने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस साजिश में अपने दोस्त को पैसे का लालच देकर शामिल कर लिया। विशाल के कहने पर सतीश उसके पिता को गढ़मुक्तेश्वर स्नान करवाने ले गया। वहां पिता मुकेश की अज्ञात वाहन से टक्कर मारने की बात कह अस्पताल में भर्ती करवाया। मेरठ के नामचीन प्राइवेट अस्पताल में मुकेश सिंघल की मौत हो गई। पुलिस ने भी अज्ञात में मामला दर्ज कर लिया। वहीं विशाल ने बीमा क्लेम पानज के लिए दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा करते हुए क्लेम दायर किया। नीवा बुपा हेल्थ इंश्योरेंस समेत कई कंपनियों को संदेह हुआ, और जब दस्तावेजों की जांच हुई तो साजिश की परतें खुलती चली गईं। विशाल द्वारा जमा किए गए कई दस्तावेज फर्जी पाए गए और यह स्पष्ट हुआ कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विशाल अब तक चार शादियां कर चुका है, जिनमें से पहली पत्नी की मौत हो चुकी है, और बाकी पत्नियां कहां हैं, इसकी जानकारी तक किसी को नहीं। उसकी वर्तमान पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उसके नाम पर भी तीन करोड़ रुपये का बीमा है और उसे आशंका थी कि विशाल उसे भी मौत के घाट उतार सकता है। विशाल की मासिक आय 25 हजार थी और वह करोड़ों का बीमा करवा रहा था।
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद.विशाल के पड़ोसी हतप्रभ है, उनका कहना है कि विशाल शातिर दिमाग का था,.वह पड़ोस में किसी से कोई मतलब नही रखता था, सुख-दुख और तीज त्योहार में परिवार का कोघ सदस्य भी शामिल नही होता था। अब विशाल की करतछत सामने आने के बाद लोगों कख कहना है कि जो बेटा, जो मां-बाप की आंखों का तारा होता है, जब लालच में अंधा होकर उन्हें ही मौत के मुंह में धकेल देता है, ये कलयुग ही है। यह घटना सोचने पर विवश करती है कि हम किस दिशा में जा रहे हैं? विशाल और उसकी पहली पत्नी से एक 12 साल बेटा है, जो अब रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए है।
संभल की एएसपी (IPS) अनुकृति शर्मा की सतर्कता से यह मामला सामने आया, लेकिन अब सबसे बड़ा प्रश्न हमारी व्यवस्था, समाज और तंत्र ऐसे लालची मानसिकता के अपराधियों को समय रहते पहचान कर क्यों नही रोक पाता है? यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी चोट पहुंचाता है। Edited by : Sudhir Sharma