प्राइवेट स्कूलों में फ्री पढ़ेंगे गरीब बच्चे, योगी सरकार ने RTE के तहत 1.56 लाख छात्रों को दिलाया प्रवेश
RTE Admission UP 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों का भविष्य संवार रही है। अब तक दो चरणों की लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से 1.56 लाख से अधिक छात्रों को प्रदेश के नामी निजी विद्यालयों में निशुल्क प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। लखनऊ, कानपुर और आगरा जैसे जिलों में सर्वाधिक बच्चों को इस योजना का लाभ मिला है। जानिए क्या है पूरी प्रक्रिया और कैसे किया जा रहा है पारदर्शी चयन।
1.56 लाख से ज्यादा बच्चों को प्रवेश
प्रदेश में आरटीई के अंतर्गत प्रथम और द्वितीय चरण में मिलाकर 1.56 लाख से अधिक छात्रों को निजी स्कूलों में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। प्रथम चरण में लगभग 1.09 लाख सीटों का आवंटन किया जा चुका है जबकि द्वितीय लॉटरी में 47 हजार से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है। इस प्रकार बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा के अवसर सुनिश्चित किए गए हैं।
बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ने का अवसर
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन सत्यापित किए गए। आरटीई के तहत सर्वाधिक प्रवेश लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जनपदों में हुए हैं, जहां हजारों बच्चों को निजी विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिला है। इसी प्रकार अलीगढ़, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, फीरोजाबाद और बरेली जैसे जिलों में भी हजारों बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश का अवसर मिला है।
आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश
आरटीई अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों में निर्धारित सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और वंचित वर्ग के बच्चों को प्रवेश दिया जाता है। योगी सरकार ने इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है ताकि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा समाज के हर वर्ग के बच्चों तक पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी निजी विद्यालयों में पढ़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकें। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया के आगामी चरण भी जल्द पूरे किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सके।
सर्वाधिक प्रवेश वाले जनपद
Edited by: Vrijendra Singh jhala