राम मंदिर को मिलने वाला है पहला CEO! 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे, अब 3 नाम होंगे शॉर्टलिस्ट
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के पद के चयन के लिए दो दिवसीय साक्षात्कार की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इस पद के लिए कुल 18 अभ्यर्थियों को आमंत्रित किया गया था, जिनमें से 16 उम्मीदवारों ने साक्षात्कार में भाग लिया। अब इनमें से केवल 3 अंतिम नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिन पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पुनर्विचार कर मंदिर के पहले CEO के नाम की घोषणा करेगा। ALSO READ: UP में अग्निवीरों की बंपर भर्ती, 6 बड़े शहरों में रैलियों की तैयारी शुरू, 17 अगस्त से अप्रैल 2027 तक चलेगा अभियान!
साक्षात्कार प्रक्रिया और समय सारणी
स्थान व समय: राम मंदिर परिसर स्थित ग्रीन हाउस में प्रतिदिन प्रातः 11:30 बजे से सायं 06:00 बजे तक साक्षात्कार आयोजित किए गए।
साक्षात्कार अवधि: प्रत्येक प्रत्याशी के साक्षात्कार में लगभग 40 से 50 मिनट का समय लगा।
प्रक्रिया का विवरण: पहले दिन 8 अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था (जिन्हें 3 पूर्व IAS, 4 पूर्व सेना अधिकारी व पूर्व IPS शामिल थे)। पहले दिन केवल 5 उम्मीदवारों के ही साक्षात्कार हो सके, जिसके बाद शेष अभ्यर्थियों को दूसरे दिन अवसर दिया गया।
परीक्षार्थियों से पूछे गए प्रमुख प्रश्न
साक्षात्कार के दौरान उम्मीदवारों की प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ उनकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को परखने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रमुख सवाल निम्नलिखित विषयों से जुड़े रहे:
सनातन आस्था व परंपराएं: हिंदू धार्मिक परंपराओं, रीति-रिवाजों और सनातन आस्था से जुड़े विषय।
व्यक्तिगत जीवनशैली: शाकाहारी होने, जनेऊ धारण करने जैसे व्यक्तिगत नियम।
प्रशासनिक व धार्मिक कार्य: धार्मिक कार्यों के प्रबंधन का अनुभव और भगवान श्री राम के चरित्र व आदर्शों पर आधारित प्रश्न। ALSO READ: योगी सरकार का भूमाफियाओं पर बड़ा एक्शन, 2 लाख एकड़ जमीन कराई कब्जामुक्त, अब बनेगा यूपी का बड़ा लैंडबैंक
दौड़ में शामिल प्रमुख चेहरे
पूर्व IPS राजेश पांडेय: यूपी पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट (80 से अधिक एनकाउंटर), UP ATS व STF के संस्थापक सदस्य तथा फोन ट्रैकिंग प्रणाली की शुरुआत करने वाले अधिकारी। 1990 के दशक में कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला का एनकाउंटर करने वाली टीम के सदस्य रहे। इन्होंने 2005 के अयोध्या मंदिर आतंकी हमले, 2006 वाराणसी दशाश्वमेध घाट धमाके और लखनऊ-फैजाबाद कोर्ट ब्लास्ट की जांच का नेतृत्व भी किया है।
पूर्व IAS दिनेश चंद्र: चार जनपदों के जिलाधिकारी (जौनपुर सहित) रह चुके हैं। प्रशासनिक सेवा में बेदाग व ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।
पूर्व IAS योगेश्वर राम मिश्रा: PCS से प्रमोटेड अधिकारी, जो अयोध्या, वाराणसी और बाराबंकी के जिलाधिकारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।
अन्य प्रमुख प्रत्याशी: सेना से सेवानिवृत्त बबिता सिंह तथा अयोध्या में CO पद से सेवानिवृत्त प्रमोद कांत मिश्रा भी साक्षात्कार में शामिल हुए। ALSO READ: उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर 2017 के बाद क्या बदला?
चयन प्रक्रिया एवं कार्यकाल
अंतिम चयन: साक्षात्कार में शामिल 16 कैंडीडेट्स में से शीर्ष 3 नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इन तीन नामों में से किसी एक पर अपनी मुहर लगाएगा, जो मंदिर के पहले CEO बनेंगे।
कार्यकाल: नियुक्त होने वाले CEO का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा। तीन वर्ष पूर्ण होने पर उनके कार्य प्रदर्शन (Performance) के आधार पर सेवा का नवीनीकरण (Renewal) किया जाएगा।

