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EPFO का बड़ा फैसला, नहीं बदली ब्याज दर, 8.5% ही मिलेगा ब्याज
नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के केंद्रीय न्यास बोर्ड ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने और इसे 8.50 प्रतिशत पर स्थिर रखने की सिफारिश की है।
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के केंद्रीय न्यास बोर्ड (CBT) की बैठक सुबह श्रीनगर में आयोजित की गई। इसमें बोर्ड ने वित्त वर्ष 2020-21 में ईपीएफ के अंशधारकों के लिए ब्याज दरों की सिफारिश की।
यह पिछले वित्त वर्ष की ब्याज दर 8.50 प्रतिशत स्थिर रहेगी। ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए ईपीएफ की ब्याज दरें 8.65 प्रतिशत से घटाकर 8.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष कर दी थी।
उल्लेखनीय है कि ईपीएफओ के केंद्रीय न्यासी मंडल ने ईपीएफ पर 2019-20 के लिए ब्याज दर 8.50 प्रतिशत रखने की सिफारिश की थी। न्यासी मंडल के अध्यक्ष श्रम मंत्री संतोष गंगवार हैं।Central Board of Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) recommends 8.50% rate of interest to its subscribers for year 2020-21: Ministry of Labour & Employment
— ANI (@ANI) March 4, 2021
इस बात की अटकलें लगाई जा रही थी कि ईपीएफओ इस वित्त वर्ष (2020-21) के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर घटा सकता है। बहरहाल इस फैसले से अंशधारकों को बड़ी राहत मिली है।
