कब और कहां होगी हलवा सेरेमनी, क्या है इसका बजट से संबंध
Union Budget 2026-27 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में मोदी सरकार का 2026-27 का बजट पेश करेगी। बजट से पहले पारंपरिक 'हलवा' सेरेमनी का आयोजन किया जाता है। यह प्रिंटिंग प्रेस क्षेत्र में आयोजित होती है। इसी के साथ बजट दस्तावेजों की प्रिंटिंग की शुरुआत हो जाती है। आम तौर पर हलवा सेरेमनी बजट से 9-10 दिन पहले होती है। ऐसे में इसके जल्द ही होने की उम्मीद है। आइए जानते हैं क्या है हलवा सेरेमनी और क्यों यह बजट से पहले मनाई जाती है।
क्या है हलवा सेरेमनी?
हलवा सेरेमनी बजट के दस्तावेजीकरण के बाद मनाई जाती है। यह आयोजन बजट प्रेस में होता है। बजट प्रेस नॉर्थ ब्लॉक में नीचे बेसमेंट में है। यहां बड़ी कढ़ाही में हलवा बनता है और सब लोग हलवा खाते हैं। हलवा सेरेमनी में वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय के सभी अधिकारी भाग लेते हैं। इस आयोजन के बाद बजट की छपाई शुरू हो जाती है। हालांकि वित्त मंत्रालय का दफ्तर साउथ ब्लॉक में शिफ्ट हो गया है। ऐसे में इस बार यह सेरेमनी यहां भी हो सकती है।
क्यों मनाई जाती है हलवा सेरेमनी?
हलवा सेरेमनी का आयोजन बजट की तैयारी पूरी होने और वित्त मंत्री के बजट भाषण से पहले होता है। बजट बनाने में लगे लोगों की कई दिनों की मेहनत रंग लाती है, इसलिए एक उत्साह का माहौल रहता है। भारतीय परंपरा में कोई भी अच्छा काम होने पर मीठा खाने और खिलाने की परंपरा रही है। इसलिए हलावा खिलाकर बजट बनाने में लगे अधिकारियों का मुंह मीठा कराया जाता है।
10 दिनों तक लॉक इन रहते हैं अधिकारी
हलवा सेरेमनी के बाद बजट छापने वाले 100 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं। ये लोग 10 दिन तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही रहते हैं। ये लोग वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद ही बाहर निकलते हैं। बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक ना हो, इसलिए यह नियम है।
कब नहीं हुई थी हलवा सेरेमनी
साल 2022 में कोरोना महामारी के समय प्रोटोकॉल को देखते हुए हलवा सेरेमनी नहीं मनाई गई थी। उस साल बजट का दस्तावेजीकरण भी नहीं हुआ था। बल्कि इसे डिजिटल रूप से पेश किया गया था। उस समय हलवा सेरेमनी के बजाय मिठाई बांटी गई थी। कोविड के बाद फिर से हलवा सेरेमनी का आयोजन होता आ रहा है।
edited by : Nrapendra Gupta