पहुँचे जिस वक़्त मंज़िल पे
पहुँचे जिस वक़्त मंज़िल पे तब ये राज खुला
ज़िन्दगी रास्तों में बसर हो गई----------वामिक़ जोनपुरी
ज़िन्दगी रास्तों में बसर हो गई----------वामिक़ जोनपुरी

