तेरे कूंचे से हम निकले
निकलना ख़ुल्द से आदम का सुनते आए हैं लेकिन
बहुत बेआबरू होकर तेरे कूंचे से हम निकले - मिर्जा़ ग़ालिब
बहुत बेआबरू होकर तेरे कूंचे से हम निकले - मिर्जा़ ग़ालिब
