Aaj ka sher | जो कुछ भी हूँ मैं देख लो
इस बदलते दौर में जो कुछ भी हूँ मैं देख लो,
कल जो देखोगे तो मंज़र दूसरा हो जाएगा।
कल जो देखोगे तो मंज़र दूसरा हो जाएगा।

