Aaj ka sher heart dil | इस दिल का क्या करूँ
यह तो नहीं कि तुमसा जहाँ में हसीं नहीं,
इस दिल का क्या करूँ, यह बहलता कहीं नहीं - दाग़
इस दिल का क्या करूँ, यह बहलता कहीं नहीं - दाग़
