आज का शेर : मेरी नज़र से
मेरी नज़र से न हो दूर एक पल के लिए,
तेरा वुजूद है लाज़िम मेरी ग़ज़ल के लिए।
- क़तील शिफ़ाई
तेरा वुजूद है लाज़िम मेरी ग़ज़ल के लिए।
- क़तील शिफ़ाई

