1. मनोरंजन
  2. टीवी
  3. आलेख
Written By समय ताम्रकर

बंधन का दोहरा शतक

खुशी के साथ गम भी

बंधन सात जन्मों का
PR
15 मई को शांकुतलम फिल्म्स का कलर्स टीवी पर प्रसारित होने वाले धारावाहिक 'बंधन सात जन्मों का' ने अपने 200 एपिसोड पूरे कर लिए। इस अवसर पर इस धारावाहिक की पूरी टीम खुश होने के बजाय कुछ उदास नजर आई क्योंकि उन्हें यह समाचार मिला था कि अगले महीने से यह धारावाहिक बंद होने वाला है।

इस धारावाहिक के प्रमुख गुंजन ने कहा कि 'हमने इस अवसर पर केक काटकर एक छोटा सेलिब्रेशन जरूर किया था, परंतु उस वक्त कोई भी मौज-मस्ती के मूड में नहीं था क्योंकि हम सभी को पता था कि जल्द ही यह धारावाहिक बंद होने वाला है। मैं बहुत उदास था क्योंकि मैं शायद इस शो को सबसे ज्यादा मिस करूँगा। इसने मुझे पहचान दिलाई है। इसी के साथ ही जाह्नवी और पूरी टीम, निर्माता-निर्देशक सभी को बहुत मिस करूँगा। मैं जानता हूँ कि इस शो के बंद होने के साथ ही मैं बेरोजगार हो जाऊँगा।'

इस धारावाहिक के 200 एपिसोड पूरे होने पर इसके स्क्रिप्ट राइटर संपूर्ण आनंद भी कुछ उदास नजर आए और उन्होंने कहा 'यह धारावाहिक मेरे दिल के बहुत करीब था। इसकी कहानी दहेज प्रथा पर केंद्रित थी कि किस तरह दहेज को लेकर महिला का शोषण किया जाता है। मैं स्वयं बिहार के एक छोटे से शहर से ताल्लुक रखता हूँ इसलिए मैंने इस प्रकार की कई घटनाओं को अपनी आँखों के सामने घटित होते देखा है। मैंने शुरू से लेकर अंत तक इस धारावाहिक की स्क्रिप्ट लिखी और मुझे इस बात की खुशी है कि इसने आज अपने 200 एपिसोड्स सफलतापूर्वक पूर्ण किए हैं।‘

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए वे कहते हैं ‘मैं तो यही मानता हूँ कि इस धारावाहिक की वजह से अन्य धारावाहिकों की टीम को इस बात का भी अहसास हुआ कि धारावाहिक के प्रसारण का समय टीआरपी के लिए कोई मायने नहीं रखता है। मायने रखती है तो बस धारावाहिक की सशक्त कहानी। हर कोई शो के बंद होने को लेकर उदास है परंतु मुझे लगता है कि निर्माता इस कहानी को बेवजह और अधिक खींच-तानकर दिखाना नहीं चाहते हैं क्योंकि वास्तविक कहानी अब समाप्त होने वाली है।'