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हरतालिका तीज पर हरगिज न करें ये 10 काम
हर साल भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस साल यह 9 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं कड़ा उपवास करके रातभर जागरण करती है। आओ जानते हैं कि इस दिन कौन से 10 कार्य नहीं किए जाते हैं।
1. क्रोध नहीं करते हैं : इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओं को क्रोध नहीं करना चाहिए। इसीलिए महिलाएं हाथों में मेहंदी लगाती है ताकि उनका दिमाग ठंडा रहे।
2. व्रत नहीं तोड़ा जाता : ऐसी मान्यता भी है कि इस दिन व्रती महिला जिस भी तरह का भोजन या अन्य कोई पदार्थ ग्रहण कर लिया जाता है तो अन्न की प्रकृति के अनुसार उसका अगला जन्म उस योनि में ही होता है। इसीलिए व्रत को तोड़ा नहीं जाता है।
3. रात में सोना है मना : इन दिन महिलाओं को रातभर जागना जरूरी होता है, क्यों आठों प्रहर पूजा भी करना होती है और यह भी मान्यता या अंधविश्वास है कि जो महिला सो जाती है उसे अजगर या मगरमच्छ की योनि प्राप्त होती है।
4. दूध का नहीं करते हैं सेवन : ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन महिलाएं यदि भूल से भी दूध का सेवन कर लेती है तो अगले जन्म में सर्प योनि को प्राप्त होती है।
5. पति के साथ न करें झगड़ा : यह व्रत पति की दीर्घायु अथार्त लंबी उम्र के लिए रखा जाता है अत: व्रती महिलाएं इस दिन पति से किसी भी प्रकार का कलेश या झकड़ा नहीं करें।
6. छोटे या बड़े-बुजुर्गों का न करें अपमान : इस दिन अपने से बड़े-बजुर्गों सहित छोटों का भी अपमान नहीं करें। इससे आपको अपने व्रत का फल नहीं मिलता है।
7. एक बार व्रत रख लिया तो रखना होता है जीवनभर : मान्यता है कि यदि कोई भी कुंवारी या विवाहित महिला एक बार इस व्रत को रखना प्रारंभ कर देती हैं तो उसे जीवनभर यह व्रत रखना ही होता है। बीमार होने पर दूसरी महिला या पति इस व्रत को रख सकता है। अत: यदि आप स्वस्थ हैं तो इस व्रत को किसी भी हालत में तोड़े नहीं।
8. कथा जरूर सुनें : विधि-विधान से पूजा के बाद के बाद कथा सुनना ना भूलें। पूजन के दौरान हरतालिका तीज की व्रत कथा का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी मना जाता है।
9. मन में न लाएं खोट : व्रत करने वाली महिलाओं को अपने मन में किसी तरह का खोट नहीं लाना चाहिए अर्थात किसी के भी प्रति गलत भावना ना रखें और भूलकर भी किसी को भला बुरा न कहें। मन को निर्मल बनाकर रखें।
10. फल खाना भी है मना : फल खाने से अगला जीवन वानर का मिलता है। शक्कर खाने से मक्खी और जल पीने से मछली का जीवन मिलता है।
