अहमदाबाद को मिली कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी
भारत के गुजरात प्रांत का अहमदाबाद शहर 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा।ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (CGF) की आम बैठक में राष्ट्रमंडल के 74 सदस्य देशों ने इन खेलों की मेजबानी के लिए अहमदाबाद के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा दी। राष्ट्रमंडल खेलों की महासभा की बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने इन खेलों के लिये अहमदाबाद में मेजबानी के लिए भारत के प्रस्ताव का अनुमोदन किया।
सीजीएफ की ओर जारी अधिकारिक बयान में कहा गया, “यह फैसला इस बात की पुष्टि करता है कि दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश गेम्स के इस ऐतिहासिक संस्करण का आयोजन करेगा, क्योंकि 74 कॉमनवेल्थ सदस्य देशों और क्षेत्रों के डेलीगेट्स ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में भारत की बोली को मंजूरी दे दी है।”
20 साल बाद हर चार साल में होने वाले इन खेलों के होस्ट के तौर पर भारत की वापसी को देखते हुए, इस घोषणा के साथ नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ऐतिहासिक जश्न मनाया गया। खेल मंत्रालय द्वारा यहां एक खास समारोह आयोजित किया। समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के सीनियर प्रतिनिधि, सेक्रेटरी (स्पोर्ट्स), और एमवाईएएस और साई के बड़े अधिकारी शामिल हुए।
इस अवसर पर डॉ. मंडाविया ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “2030 में सीडब्लयूसी के 100वें साल का आयोजन सीजीएफ और हम होस्ट के तौर पर दोनों के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत का खेल क्षेत्र बदल रहा है। बॉक्सिंग वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप, वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जैसे इवेंट्स की मेजबानी करना दिखाता है कि हम सबसे ऊंचे लेवल के इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन की मेजबानी के लिए तैयार हैं।”
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हम 2029 वर्ल्ड पुलिस गेम्स को होस्ट करने की भी तैयारी कर रहे हैं और ये सभी 2036 ओलंपिक गेम्स के लिए हमारे इंतजामों को आगे बढ़ाएंगे, जिनकी हमें होस्टिंग की उम्मीद है।
खेलो भारत नीति और स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट भी भारतीय खेलों में हमारे बदलाव और सुधार को बढ़ावा देंगे। अगले 10 सालों में, भारत टॉप 10 में होगा, और 2047 तक, हम शीर्ष पांच में होंगे। अब मैं सभी एथलीटों से आग्रह करता हूं कि वे देश को गर्व महसूस कराने के लिए तैयार हो जाएंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की पहचान इस बात को और पक्का करती है कि दुनिया पहले से ही क्या महसूस करती है: भारत तैयार है। भारत काबिल है। भारत आ गया है।”
समारोह में ऑडियो-विज़ुअल फ़िल्म दिखाई गई, जिसमें भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स की विरासत को दिखाया गया, जिसमें मेडल जीतने से लेकर 2010 एडिशन की मेजबानी तक शामिल है। राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी वर्ष में इन खेलों के आयोजन के लिए अहमदाबाद के नाम पर मुहर लगते ही गरबा नर्तकों के नृत्य और ढोल वादकों की प्रस्तुति से महासभा का सभागार गूंज उठा।
भारत ने 2010 में नई दिल्ली में हुए सीडब्यूजी में 38 स्वर्ण समेत कुल 101 मेडल जीते थे, जिसमें अकेले शूटिंग से 30 मेडल आए थे। 2022 एडिशन में, भारत ने 22 गोल्ड समेत 61 मेडल जीते। बर्मिंघम एडिशन में शूटिंग को शामिल नहीं किया गया था।
राष्ट्रमंडल खेलों के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने इस अवसर पर कहा, “ यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के लिए एक नये स्वर्णिम युग की शुरुआत है। गेम्स रिसेट के बाद, हम कॉमनवेल्थ की 74 टीमों का स्वागत करने के लिए शानदार फॉर्म में ग्लासगो 2026 के लिए रवाना होंगे और उसके बाद कॉमनवेल्थ खेलों के विशेष शताब्दी संस्करण के लिए अहमदाबाद 2030 पर अपनी नज़रें गड़ाएंगे।”
उन्होंने कहा, “ भारत अपने साथ विशालता, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 2034 और उसके बाद के खेलों की मेज़बानी के लिए कई देशों ने गहरी रुचि दिखाई है। हम कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अपनी अगली शताब्दी की शुरुआत बहुत अच्छी कर रहे हैं।”
भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ की अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा ने कहा, “ राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा दिखाये गये विश्वास से हम बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 2030 के खेल न केवल राष्ट्रमंडल आंदोलन के सौ साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव भी रखेंगे। ये खेल पूरे राष्ट्रमंडल के एथलीटों, समुदायों और संस्कृतियों को मित्रता और प्रगति की भावना से एक साथ लाएंगे।”
अहमदाबाद आयोजन में 15-17 खेल शामिल किये जाएंगे। कॉमनवेल्थ ने एक बयान में कहा कि अहमदाबाद 2030 की टीम कॉमनवेल्थ स्पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय संघों के साथ मिलकर खेल कार्यक्रम तैयार करेगी।
उल्लेखनीय है कि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने हाल ही में अपने खेल कार्यक्रम की एक समीक्षा पूरी की थी, जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों के लिए एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स, तैराकी और पैरा-तैराकी, टेबल टेनिस और पैरा टेबल टेनिस, बोल्स और पैरा-बोल्स, भारोत्तोलन और पैरा-भारोत्तोलन, आर्टिस्टिक जिमनास्टिक्स, नेटबॉल और मुक्केबाज़ी का चयन किया गया था।
बाकी खेलों का नाम तय करने की प्रक्रिया अगले महीने शुरू होगी। अगले साल तक अहमदाबाद में होने वाले आयोजन के लिए सभी खेलों का नाम तय हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 20 साल बाद भारत में होने वाले इस आयोजन के लिए तीरंदाज़ी, बैडमिंटन, 3गुणा3 बास्केटबॉल, 3गुणा3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, बीच वॉलीबॉल, टी20 क्रिकेट, साइक्लिंग, डाइविंग, हॉकी, जूडो, लयबद्ध जिमनास्टिक्स, रग्बी सेवन्स, निशानेबाज़ी, स्क्वाश, ट्रायथलॉन, पैरा-ट्रायथलॉन और कुश्ती में से कुछ ही खेल चुने जाएगें। मेज़बान होने के नाते भारत के पास दो नए या पारंपरिक खेलों का प्रस्ताव रखने का मौका भी होगा।
बयान के अनुसार, “भारत ने 2030 गेम्स के लिए एक जबरदस्त विजन पेश किया, जो गुजरात के शहर अहमदाबाद में केंद्रित होगा, जो ग्लासगो 2026 द्वारा रखी गई नींव पर बनेगा, जिससे भारत शानदार तरीके से शताब्दी मना सकेगा।”Watch | Moments after Amdavad was announced as hosts of the 2030 Commonwealth Games, 20 Garba dancers and 30 Indian dhol drummers burst into the General Assembly Hall, surprising delegates with a cultural performance that provided a taste of the heritage and pride that Athletes… https://t.co/qiMYFh7WK6 pic.twitter.com/pX6nw4vkxu
— DeshGujarat (@DeshGujarat) November 26, 2025
20 साल बाद हर चार साल में होने वाले इन खेलों के होस्ट के तौर पर भारत की वापसी को देखते हुए, इस घोषणा के साथ नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ऐतिहासिक जश्न मनाया गया। खेल मंत्रालय द्वारा यहां एक खास समारोह आयोजित किया। समारोह में केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के सीनियर प्रतिनिधि, सेक्रेटरी (स्पोर्ट्स), और एमवाईएएस और साई के बड़े अधिकारी शामिल हुए।
इस अवसर पर डॉ. मंडाविया ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, “2030 में सीडब्लयूसी के 100वें साल का आयोजन सीजीएफ और हम होस्ट के तौर पर दोनों के लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, भारत का खेल क्षेत्र बदल रहा है। बॉक्सिंग वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप, वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स जैसे इवेंट्स की मेजबानी करना दिखाता है कि हम सबसे ऊंचे लेवल के इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन की मेजबानी के लिए तैयार हैं।”
खेलो भारत नीति और स्पोर्ट्स गवर्नेंस एक्ट भी भारतीय खेलों में हमारे बदलाव और सुधार को बढ़ावा देंगे। अगले 10 सालों में, भारत टॉप 10 में होगा, और 2047 तक, हम शीर्ष पांच में होंगे। अब मैं सभी एथलीटों से आग्रह करता हूं कि वे देश को गर्व महसूस कराने के लिए तैयार हो जाएंगा।”
उन्होंने आगे कहा, “इस तरह की पहचान इस बात को और पक्का करती है कि दुनिया पहले से ही क्या महसूस करती है: भारत तैयार है। भारत काबिल है। भारत आ गया है।”
भारत ने 2010 में नई दिल्ली में हुए सीडब्यूजी में 38 स्वर्ण समेत कुल 101 मेडल जीते थे, जिसमें अकेले शूटिंग से 30 मेडल आए थे। 2022 एडिशन में, भारत ने 22 गोल्ड समेत 61 मेडल जीते। बर्मिंघम एडिशन में शूटिंग को शामिल नहीं किया गया था।
राष्ट्रमंडल खेलों के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने इस अवसर पर कहा, “ यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के लिए एक नये स्वर्णिम युग की शुरुआत है। गेम्स रिसेट के बाद, हम कॉमनवेल्थ की 74 टीमों का स्वागत करने के लिए शानदार फॉर्म में ग्लासगो 2026 के लिए रवाना होंगे और उसके बाद कॉमनवेल्थ खेलों के विशेष शताब्दी संस्करण के लिए अहमदाबाद 2030 पर अपनी नज़रें गड़ाएंगे।”
भारतीय राष्ट्रमंडल खेल संघ की अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा ने कहा, “ राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा दिखाये गये विश्वास से हम बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 2030 के खेल न केवल राष्ट्रमंडल आंदोलन के सौ साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, बल्कि अगली सदी की नींव भी रखेंगे। ये खेल पूरे राष्ट्रमंडल के एथलीटों, समुदायों और संस्कृतियों को मित्रता और प्रगति की भावना से एक साथ लाएंगे।”
अहमदाबाद आयोजन में 15-17 खेल शामिल किये जाएंगे। कॉमनवेल्थ ने एक बयान में कहा कि अहमदाबाद 2030 की टीम कॉमनवेल्थ स्पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय संघों के साथ मिलकर खेल कार्यक्रम तैयार करेगी।
बाकी खेलों का नाम तय करने की प्रक्रिया अगले महीने शुरू होगी। अगले साल तक अहमदाबाद में होने वाले आयोजन के लिए सभी खेलों का नाम तय हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 20 साल बाद भारत में होने वाले इस आयोजन के लिए तीरंदाज़ी, बैडमिंटन, 3गुणा3 बास्केटबॉल, 3गुणा3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, बीच वॉलीबॉल, टी20 क्रिकेट, साइक्लिंग, डाइविंग, हॉकी, जूडो, लयबद्ध जिमनास्टिक्स, रग्बी सेवन्स, निशानेबाज़ी, स्क्वाश, ट्रायथलॉन, पैरा-ट्रायथलॉन और कुश्ती में से कुछ ही खेल चुने जाएगें। मेज़बान होने के नाते भारत के पास दो नए या पारंपरिक खेलों का प्रस्ताव रखने का मौका भी होगा।

