उज्जैन के हर नाम में एक कथा छुपी है... जरूर पढ़ें

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पद्मावती- पद्मावती नाम की कथा इस प्रकार है- 'समुद्र मंथन के उपरांत प्राप्त 14 रत्नों का वितरण इसी पावन स्थली में हुआ। देवताओं को यहीं पर रत्न प्राप्त हुए थे। रत्न प्राप्त कर देवताओं ने कहा कि इस उज्जयिनी में हम सब रत्नों के भोगी हुए हैं अत: पद्मा अर्थात लक्ष्मी यहां सदैव निश्चल निवास करेंगी और तभी से इसका नाम 'पद्मावती' हो गया।'
यहां की भव्य समृद्धि का वर्णन ब्रह्म पुराण, स्कन्द पुराण तथा कालिदास, बाणभट्ट, शूद्रक आदि के काव्य, नाटकों तथा पाली एवं प्राकृत ग्रंथों में मिलता है। इस नगरी की धन-धान्य में समृद्धि के कारण ही इसका नाम संभवत: 'पद्मावती' हो गया होगा।



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