उज्जैन के हर नाम में एक कथा छुपी है... जरूर पढ़ें

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कुशस्थली- इस नाम से संबंधित कथा स्कन्द पुराण के 42वें अध्याय के अनुसार इस प्रकार है- ब्रह्मा ने संपूर्ण सृष्टि का निर्माण किया तब सृष्टि की रक्षा का कार्य विष्णु पर आया, क्योंकि विष्णु जगत के पालनकर्ता हैं। इस संपूर्ण संसार में विष्णु को अधिष्ठित करने के लिए यह स्थान ही ब्रह्मा को उपयुक्त लगा। ब्रह्मा ने इस पवित्र स्थान को कुशों से आच्‍छादित कर दिया और विष्णु से वहां प्रतिष्ठित होने की प्रार्थना की। इस प्रकार कुशों से आच्छादित किए जाने के कारण इसका नाम कुशस्थली हो गया। 
'कुश' पवित्र घास को कहा जाता है जिसका प्रयोग देवताओं और ऋषियों के आसन के लिए किया जाता है। संभवत: इस क्षेत्र की पवित्रता और देवताओं का अधिष्ठान प्रकट करने के लिए ही कुशस्थली नाम पड़ा होगा।
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