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Written By WD Feature Desk
Last Updated : सोमवार, 4 अगस्त 2025 (10:11 IST)

सावन मास का अंतिम सोमवार आज, सोमवार के दिन करें ये 3 प्रभावशाली उपाय, रखें ये 7 सावधानियां

Sawan Last Somwar 2025
Sawan Somwar 2025: ऐसा माना जाता है कि सावन सोमवार के दिन सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। चाहे वह विवाह से संबंधित हो, संतान प्राप्ति की इच्छा हो या फिर जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति। इस पावन अवसर पर कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं, जिन्हें करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।ALSO READ: क्या पीरियड में सावन सोमवार का व्रत रख सकते हैं?
 
इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे सावन सोमवार के दिन किए जाने वाले सरल, लेकिन प्रभावशाली उपायों के बारे में, जो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। 
 
ज्योतिष के अनुसार सावन सोमवार के विशेष उपाय
 
1. धन प्राप्ति के लिए 'शिव धन प्राप्ति उपाय:
- शिवलिंग के सामने एक दीपक जलाएं और उसमें कपूर और लौंग डालें। मंत्र- 'ॐ श्रीं नमः शिवाय श्रीं' पढ़ें। यह उपाय लक्ष्मी कृपा पाने के लिए किया जाता है।
 
2. चंद्र दोष या मानसिक अशांति के लिए रुद्राभिषेक: 
- चंद्रमा शिव के नेत्रों में से एक हैं। चंद्र दोष से मुक्त होने के लिए शिव को सफेद वस्त्र, चावल, और दही अर्पित करें।
- रुद्राभिषेक या 'महा मृत्युंजय मंत्र' का जाप करें: 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥' मंत्र का कम से कम 108 बार। सावन में रुद्राभिषेक करने के चमत्कारी फायदे मिलते हैं।ALSO READ: sawan somwar 2025: सावन सोमवार के व्रत के दौरान 18 चीजें खा सकते हैं?
 
3. वैवाहिक सुख के लिए जोड़े में दीपक जलाएं
- एक दीपक पति के नाम का और एक अपने नाम का जलाएं।
- शिव-पार्वती के सामने रखें और प्रार्थना करें:
'हे गौरीशंकर, मेरे दांपत्य जीवन में प्रेम, स्थिरता और सुख बनाए रखें।'
 
आज के दिन रखें ये सावधानियां...
- यदि आपने व्रत रखा हैं तो स्नान करके व्रत तोड़ें यानी व्रत के समापन से पहले शुद्ध होकर पूजा करें।
- भोग लगाने के बाद भोजन करें, पहले भगवान शिव को भोग लगाएं, फिर व्रत खोलें।
- व्रत के दिन सात्विक रहें तथा प्याज, लहसुन, मांस से दूर रहें।
- शिव पूजा में तुलसी नहीं चढ़ाएं, ये वर्जित है।
- जल चढ़ाते समय जलधारा टूटी न हो और निरंतर गिरती रहे, इसका ध्यान रखें।
- धीरे-धीरे खाएं, पेट लंबे समय तक खाली रहा है, इसलिए भारी भोजन न करें।
- पहले पानी या फल से व्रत खोलें, उसके बाद हल्का भोजन करें।
 
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