सावधान! धरती पर कब्जा करने आ रहे हैं 'एलियंस'

UFO Day
अनिरुद्ध जोशी|
वर्षों के वैज्ञानिक शोध से यह पता चला कि 10 हजार ई.पू. धरती पर एलियंस उतरे और उन्होंने पहले इंसानी कबीले के सरदारों को ज्ञान दिया और फिर बाद में उन्होंने राजाओं को अपना संदेश वाहक बनाया । ऐसा हिस्ट्री टीवी चैनल की एलियंस पर बनाई गई एक सीरिज से पता चला।
वे अलग-अलग काल में अलग-अलग परंपरा-समाज की रचना कर धरती के देवता या कहें कि फरिश्ते बन बैठे। सचमुच इंसान उन्हें अपना देवता या फरिश्ता मानता है, क्योंकि वे आकाश से उतरे थे और उन्हें सर्वप्रथम आकाशदेव कहा गया लेकिन सच्चाई सिर्फ यही नहीं है। कुछ इंसान थे, जो उन्हें धरती को बिगाड़ने का दोषी मानते थे।
 
आकाश से उतरे इन देवदूतों (धर्मग्रंथों और सभ्यताओं के टैक्स अनुसार वे स्वर्गदूत थे) ने जब यहां की स्त्रियों के प्रति आकर्षित होकर उनके साथ संभोग करना शुरू किया तो उन्हें स्वर्ग से बहिष्कृत स्वर्गदूत कहा जाने लगा। लेकिन वे लोग जो उन्हें 'धरती को बिगाड़ने का दोषी' मानते थे उन्होंने उन्हें राक्षस कहना शुरू कर दिया।
 
बाद में लंबे काल तक इस बात को लेकर इंसानों में झगड़े चलते रहे। दो गुट बने- पहले वे जो 'एलियंस' (आकाशदेव, स्वर्गदूत या ईशदूत) के साथ थे और दूसरे वे जो उन्हें महज दूसरे ग्रह का वासी मानते थे, लेकिन आज सब कुछ बदल गया। वे लोग हार गए, जो उन्हें 'एलियंस' मानकर उनके खिलाफ लड़ाई करते थे। अब सवाल यह उठता है कि वे 'हारे' हुए लोग कहां है? और जो जीत गए क्या उन्होंने रक्त की शुद्धता बनाए रखी या एलियंस ने उनकी जातियां भी नष्ट कर दीं और अब हम सभी इंसान 'एलियंस' की संतानें हैं? 
 
इजिप्ट, मेसोपोटामिया, सुमेरियन, इंका, बेबीलोनिया, सिंधु घाटी, माया, मोहनजोदड़ो और दुनिया की तमाम सभ्यताओं के टैक्स में लिखा है कि जल्दी ही लौट आएंगे हमारे 'आकाशदेव' और फिर से वे धरती के मुखिया होंगे।
 
इजिप्ट और माया सभ्यता के लोग मानते थे कि अंतरिक्ष से हमारे जन्मदाता एक निश्चित समय पर पुन: लौट आएंगे। ओसाइशिरा (मिश्र का देवता) जल्द ही हमें लेने के लिए लौट आएगा। तो क्या हम 'स्टार प्रॉडक्ट' हैं? और क्या इसीलिए गिजावासी मरने के बाद खुद का ममीकरण इसलिए करते थे कि उनका 'आकाशदेव' उन्हें अं‍तरिक्ष में ले जाकर उन्हें फिर से जीवित कर देगा?

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