kailash mansarovar yatra 2026: कैलाश मानसरोवर की यात्रा केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक अनुभव है। वर्ष 2026 के लिए इस पावन यात्रा के पंजीकरण की प्रक्रिया की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। यदि आप भी महादेव के निवास स्थान के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन की पूरी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ विस्तार से दी गई है।
पंजीकरण और यात्रा की मुख्य बातें:
आधिकारिक वेबसाइट: kmy.gov.in पर जाकर 'Apply for Yatra' या 'Registration' पर क्लिक करें।
दस्तावेज़: आपके पास 1 सितंबर 2026 तक कम से कम 6 महीने की वैधता वाला एक साधारण भारतीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है।
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन फॉर्म भरें, फोटो (300 KB तक, JPG) और पासपोर्ट (500 KB तक, PDF) की स्कैन की गई प्रति अपलोड करें।
रूट (Route): दो मार्ग उपलब्ध हैं- लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम)।
चयन प्रक्रिया: MEA द्वारा ड्रॉ (Lottery) के माध्यम से तीर्थयात्रियों का चयन होता है।
हेल्पलाइन: अधिक जानकारी के लिए 011-230813 पर संपर्क किया जा सकता है।
लागत: सरकारी यात्रा में अनुमानित 1.74 लाख या उससे अधिक का खर्च आ सकता है।
महत्वपूर्ण: आवेदन करते समय सही जानकारी भरें, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आपको यात्रा से रोका जा सकता है।
नोट: इस वर्ष यात्रा 10 दलों में होगी और जून के पहले-दूसरे हफ्ते में शुरू होने की संभावना है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन 30 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो गए हैं।
1. पंजीकरण प्रक्रिया: कैसे करें आवेदन?
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग हैं:- 1.भारत सरकार (विदेश मंत्रालय) के माध्यम से और 2.निजी टूर ऑपरेटर्स (नेपाल मार्ग) के माध्यम से।
सरकारी मार्ग (विदेश मंत्रालय- MEA)
भारत सरकार द्वारा आयोजित यात्रा आधिकारिक और सुव्यवस्थित होती है। इसके लिए आपको विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
वेबसाइट: kmy.gov.in पर जाएं।
ऑनलाइन फॉर्म भरें: अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासपोर्ट विवरण और पसंदीदा रूट (लिपुलेख दर्रा या नाथू ला दर्रा) का चयन करें।
चयन प्रक्रिया: आवेदकों का चयन एक कम्प्यूटरीकृत ड्रा (Lottery) के माध्यम से किया जाता है।
मेडिकल टेस्ट: चयनित यात्रियों को दिल्ली में कड़े मेडिकल परीक्षणों (DHLI और ITBP द्वारा) से गुजरना पड़ता है। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद ही यात्रा की अनुमति मिलती है।
यात्रा कंफर्म: यात्रा की पुष्टि के लिए 5,000 रुपए की अप्रतिदेय राशि जमा करनी होती है। निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से भी आप रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
निजी ऑपरेटर्स (नेपाल/काठमांडू मार्ग)
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कई निजी एजेंसियां नेपाल के रास्ते (हेलीकॉप्टर या सड़क मार्ग) यात्रा आयोजित करती हैं।
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यह मार्ग उन लोगों के लिए बेहतर है जो लॉटरी सिस्टम में शामिल नहीं होना चाहते।
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इसके लिए आपको अधिकृत ट्रैवल एजेंसी की वेबसाइट पर जाकर सीधे बुकिंग करनी होती है।
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इसमें वीजा और परमिट की जिम्मेदारी अक्सर एजेंसी की होती है।
कैलाश मानसरोवर जाने के 2 मार्ग है-
पहला उत्तराखंड के लिपुलेख से है। यहां से धारचूला जाते हैं और वहां से पैदल यात्रा प्रारंभ होती है। यह कठिन ट्रेकिंग वाला मार्ग है। दूसरा रास्ता नाथुला दर्रा है जिसके लिए सिक्किम के गंगकोट जाते हैं और वहां से यह यात्रा प्रारंभ होती है। वाहन से यात्रा संभव, बुजुर्गों के लिए उपयुक्त। आप जिस भी रास्ते से जाना चाहते हैं रजिस्ट्रेशन करते वक्त उसमें यह मेंशन करना होगा।
2. पात्रता और जरूरी शर्तें
यात्रा की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए कुछ कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं:
नागरिकता: केवल भारतीय नागरिक (सरकारी मार्ग के लिए)।
आयु सीमा: आवेदक की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
स्वास्थ्य: आवेदक शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा या हृदय रोग जैसी गंभीर स्थिति होने पर अनुमति नहीं मिलती।
BMI (Body Mass Index): सरकारी नियमों के अनुसार, आपका BMI 27 या उससे कम होना अनिवार्य है।
3. आवश्यक दस्तावेज (Checklist)
आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज अपने पास तैयार रखें:
पासपोर्ट: साधारण भारतीय पासपोर्ट जिसकी वैधता यात्रा की तारीख से कम से कम 6 महीने बाद तक हो।
फोटो: हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो (सफेद बैकग्राउंड)।
आईडी प्रूफ: आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड की स्कैन कॉपी।
मेडिकल डिक्लेरेशन: अपनी फिटनेस के संबंध में स्व-घोषणा पत्र।
4. यात्रा में एक दल में रहेंगे 60 यात्री:
विदेश मंत्रालय अभी 1 वर्ष में 18 जत्थों में 1,000 से अधिक तीर्थयात्रियों को कैलाश मानसरोवर ले जाता है और यह यात्रा 22 दिनों की होती है। एक जत्थे में 60 यात्री रहते हैं। सभी यात्रियों का हेल्थ चेकअप होने के बाद यात्रियों की 3 दिन की दिल्ली में ट्रेनिंग भी होती है। शारीरिक रूप से सक्षम लोगों को ही यात्रा की अनुमति मिलती है। दिल्ली में ITO स्थित ITBP अस्पताल में मेडिकल चेकअप होता है। इस बार यात्रा 10 दलों में होगी।
5. यात्रा का शेड्यूल ये रहेगा:
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यह यात्रा दिल्ली से प्रारंभ होकर पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित की जाएगी। प्रत्येक जत्थे की 22 दिनों की यात्रा रहेगी।
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प्रत्येक दल दिल्ली से प्रस्थान कर टनकपुर, धारचूला में एक-एक रात, गुंजी व नाभीढांग में दो रात रुकने के बाद (तकलाकोट) चीन में प्रवेश करेगा।
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कैलाश दर्शन के बाद वापसी में चीन से प्रस्थान कर बूंदी, चौकोड़ी, अल्मोड़ा में एक-एक रात रुकने के बाद दिल्ली पहुंचेगा।
6. सावधानी और सुझाव
कैलाश मानसरोवर की यात्रा 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर होती है। आवेदन करने से पहले से ही पैदल चलने, योग और प्राणायाम का अभ्यास शुरू कर दें ताकि आपका शरीर कम ऑक्सीजन वाले वातावरण के लिए तैयार हो सके।