श्रीकृष्ण की गीता के अलावा महाभारत में हैं ये 6 और गीता

2.धृतराष्ट्र-संजय संवाद : कहते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण के मुख से गीता को अर्जुन के बाद संजय ने सुनी थी। संजय श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद के साक्षी थे। धृतराष्ट्र से समक्ष संजय ने संपूर्ण महाभारत का लाइव वर्णन किया था। उनका यह वर्णन अद्भुत था। उन्होंने महाभारत के सभी प्रमुख योद्धाओं के बारे में विस्तार से वर्णन किया। गीता में धृतराष्ट्र-संजय संवाद का वर्णन मिलता है। 
 
गीता के अंत में संजय ने धृतराष्ट्र से कहा:–
इत्यहं वासुदेवस्य पार्थस्य च महात्मनः।
संवादमिममश्रौषमद्भुतं रोमहर्षणम्।।
व्यासप्रसादाच्छ्रुतवानेतद्रुह्यमहं परम्।
योगं योगेश्वरात्कृष्णात्साक्षात्कथयतः स्वंयम्।। (अष्टादश अध्याय श्लोक-74 -75)
इस प्रकार मैंने वासुदेव और महात्मा अर्जुन के इस विलक्षण तथा रोमाचकारी संवाद को सुन । कैसे? तो श्रीव्यासजी की कृपा से, उनकी दी हुई दृष्टि से मैंने इस परं गोपनीय योग को साक्षात् योगेश्वर श्रीकृष्ण को कहते हुए सुना है।
 
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