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Last Modified: लखनऊ (उप्र) , शनिवार, 7 फ़रवरी 2026 (19:03 IST)

यूपी में बीसी सखियों ने किया 40 हजार करोड़ का लेनदेन, योगी सरकार ने गांव-गांव तक पहुंचाई बैंकिंग

Chief Minister Yogi Adityanath
- 50 हजार से ज्यादा बीसी सखियों को प्रशिक्षण, ग्रामीण बैंकिंग को मिली मजबूती
- ‘वन जीपी-वन बीसी सखी’ मॉडल ने लिखी सफलता की नई कहानी
- ग्रामीणों को मिली बैंक संबंधित कार्यों में सहूलियत
Uttar Pradesh news : उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ‘एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी’ योजना ने सफलता की नई कहानी लिखी है। बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट सखी (बीसी सखी) के रूप में काम कर रही ग्रामीण महिलाओं ने अब तक करीब 40,000 करोड़ का बैंकिंग लेनदेन किया है, जिसके जरिए 106 करोड़ से ज्यादा का लाभांश भी मिला है। राज्य में इस योजना के तहत अब तक 40 हजार बीसी सखियां तैनात की जा चुकी हैं, जिनके जरिए बैंक अब लोगों के घर तक पहुंचा है। ग्रामीणों को भी रोजमर्रा के बैंक संबंधित कामों में काफी सहूलियत मिल रही है। योजना से राज्य की हजारों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं और परिवार की जिम्मेदारी भी उठा रही हैं।
 

गांव में ही मिल रही बैंक की सुविधाएं

बीसी सखियां गांवों में लोगों की पैसे जमा करने और निकालने समेत खाते से लेनदेन, लोन के लिए आवेदन, मनी ट्रांसफर, आरडी व एफडी खुलवाने तक में मदद करती हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक शाखा तक जाने की जरूरत नहीं पड़ रही।
इस योजना की शुरुआत मई 2020 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। इसका मकसद था कि गांवों के लोगों को बैंक की सुविधाएं उनके घर के पास मिल जाएं और स्थानीय महिलाओं को भी रोजगार के अवसर मिलें। इस सुविधा के शुरू हो जाने के बाद से ग्रामीणों को शहरों के चक्कर काटने से राहत मिली है।

सभी ग्राम पंचायतों तक विस्तार

राज्य की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत अभी तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण देकर प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से लगभग 40,000 बीसी सखियां वर्तमान में गांवों में काम कर रही हैं।

आत्मनिर्भरता की मिसाल बनीं बीसी सखियां

बीसी सखी योजना ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। आज ये महिलाएं गांव में बैंकिंग की पहचान बन चुकी हैं और लोगों का भरोसा भी जीत रही हैं। योगी सरकार की यह योजना गांवों में बैंकिंग पहुंचाने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल बन रही है। इस योजना के तहत 106 करोड़ रुपए से ज्यादा का लाभांश भी अर्जित किया जा चुका है।
Edited By : Chetan Gour
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