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Last Modified: लखनऊ (उप्र) , शनिवार, 7 फ़रवरी 2026 (19:13 IST)

यूपी में पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित कर रही 'ग्रीन चौपाल'

Chief Minister Yogi Adityanath
- 2030 तक प्रदेश के 15 फीसदी भाग को हरियाली से आच्छादित करने का लक्ष्य
- हर महीने के तीसरे शुक्रवार को गांवों में लग रही 'ग्रीन चौपाल'
- अब तक 14318 गांवों में 'ग्रीन चौपाल' का आयोजन
Uttar Pradesh news : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2030 तक प्रदेश के हरित आवरण को 15 प्रतिशत तक लाने का निर्देश दिया है। यह लक्ष्य तभी हासिल होगा, जब पौधरोपण को जनांदोलन का स्वरूप दिया जा सके। मुख्यमंत्री के विजन को केंद्र में रखते हुए वन विभाग ने गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन करने का निर्णय किया और इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी भी सुनिश्चित की। विभिन्न विभागों के सहयोग से प्रत्येक ग्रामसभा स्तर पर ग्रीन चौपाल का गठन किया जा रहा है। अब तक 14,318 गांवों में चौपाल का गठन/आयोजन किया जा चुका है।
 
इन ग्रीन चौपालों में शामिल होने वाले लोगों से वर्ष 2026 में चलाए जाने वाले पौधरोपण अभियानों पर चर्चा करने के साथ-साथ उन्हें तैयारी से संबंधित जिम्मेदारियां भी सौंपी जा रही हैं। ग्रीन चौपालें ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों आदि को पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दे रही हैं। 

ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हो रही ग्रीन चौपाल, ग्राम पंचायत सचिव बनाए गए हैं संयोजक 

ग्रीन चौपाल के अध्यक्ष ग्राम प्रधान, सेक्शन/बीट अधिकारी सदस्य सचिव तथा  ग्राम पंचायत सचिव संयोजक बनाए गए हैं। इसके अलावा तीन ग्राम पंचायत सदस्य (न्यूनतम एक महिला सदस्य), स्वयं सहायता समूह की एक महिला प्रतिनिधि, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक, आंगनवाड़ी सहायिका, प्रगतिशील कृषक, पर्यावरणविद/स्थानीय एनजीओ के प्रतिनिधि व जैव विविधता प्रबंधन समिति के प्रतिनिधि चौपाल के सदस्य हैं। 
 

महीने में कम से कम एक बार अनिवार्य रूप से हो बैठक 

प्रदेश की हरियाली बढ़ाने के उद्देश्यों से प्रत्येक माह ग्रीन चौपाल की कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से होनी है। इसमें विभिन्न विभागों की पर्यावरण से जुड़ी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन आदि के प्रति स्थानीय स्तर पर विशेष प्रचार-प्रसार (नुक्कड़ नाटक, रैली, गोष्ठी) आदि का भी आयोजन हो रहा है। जिला वृक्षारोपण समिति द्वारा ग्रीन चौपाल के कार्यों की निगरानी भी की जा रही है। प्रभागीय वनाधिकारी इसका समन्वयन कर रहे हैं। 
उत्तर प्रदेश वन विभाग के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रामकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर गांवों में ग्रीन चौपालें लगाई जा रही हैं। इसका उद्देशय उत्‍तर प्रदेश में हरियाली बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण है। इसके लिए ग्रीन चौपाल की भी मदद ली जाएगी।

गांव स्तर पर प्रधान इसके अध्यक्ष बनाए गए हैं। प्रतिमाह ग्रीन चौपाल की कम से कम एक बैठक अनिवार्य रूप से हो रही है। अब तक 14,318 गांवों में ग्रीन चौपालों का गठन व आयोजन किया जा चुका है। उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्रीन चौपालों को चिह्नित भी किया जा रहा है।
Edited By : Chetan Gour
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