मंगलवार, 27 जनवरी 2026
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. प्रादेशिक
  4. Swami Avimukteswar on SIR
Last Updated : बुधवार, 21 जनवरी 2026 (20:10 IST)

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किया SIR का समर्थन, बोले- भाजपा कार्यकाल में घुसपैठियां कैसे घुसे?

Swami Avimukteswar
मेरठ में 3 दिवसीय प्रवास पर आए हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि ‘तीर्थ’ एक अत्यंत पवित्र और धार्मिक शब्द है और इसे किसी सरकारी कार्यालय का नाम देना सनातन परंपरा के विरुद्ध है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अनुसार तीर्थ वह स्थान होता है जहां जाकर व्यक्ति अपने पापों से मुक्ति पाता है न कि कोई प्रशासनिक कार्यालय। 
 
उन्होंने इस नामकरण को सनातन धर्म की आस्था पर हमला बताते हुए प्रधानमंत्री से इसे बदलने की अपील की। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री कार्यालय में विभिन्न धर्मों के लोग कार्यरत होते हैं और वहाँ चमड़े के जूते पहनकर जाना आमबात है, जबकि तीर्थ स्थलों में चमड़े के जूते पहनना वर्जित माना जाता है। ऐसे में उस स्थान को ‘सेवातीर्थ’ कहना अनुचित और आस्था का अपमान है।
उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक शब्दावली का राजनीतिक या प्रशासनिक उपयोग करना गलत है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि यदि इस विषय पर संत समाज को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ‘सेवा तीर्थ’ नाम नहीं बदला गया, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
 
उन्होंने गौमाता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिलाने के लिए किए जा रहे अपने प्रयासों को भी साझा किया। गो-रक्षा के उद्देश्य से बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दल के समर्थन के 243 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। इनमें से 45 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया, जबकि 198 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे रहे। उन्होंने बताया कि जिन विधानसभा क्षेत्रों में ये प्रत्याशी लड़े, वहाँ उन्हें औसतन करीब 3,000 मत प्राप्त हुए। इस अनुभव के आधार पर उन्होंने घोषणा की कि आगामी उत्तर प्रदेश 403 सीटों और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में सभी सीटों पर गोभक्त प्रत्याशी उतारे जाएंगे। इसके लिए आगामी 10 और 11 मार्च को दिल्ली में संतों की एक बड़ी सभा बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। 
घुसपैठियों के मुद्दे पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने घुसपैठियों को बाहर निकालने की बात कही थी। उन्होंने पूछा कि जब पिछले 20 वर्षों से वहाँ उनकी ही सरकार थी, तो भाजपा के कार्यकाल में घुसपैठिए अंदर कैसे आए और उस समय उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
 
वहीं, एसआईआर (SIR) के विषय में उन्होंने समर्थन व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सही प्रक्रिया है और इसका विरोध नहीं किया जाना चाहिए। Edited by : Sudhir Sharma