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Shankar Bhagwan। सावन के पहले दिन बम-बम भोले के जयकारों से प्रयागराज हुआ शिवमय, 'ॐ नम: शिवाय' का हुआ जाप
प्रयागराज। देवाधिदेव का प्रिय मास सावन का पहला दिन भक्तों की आराधना से प्रयागराज शिवमय हो गया। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के तट पर श्रद्धालुओं का सुबह से तांता लगा रहा।
गंगा स्नान के बाद श्रद्धालु शिवलयों में अभिषेक के लिए बाहर हाथों में गंगा जल, बेलपत्र, फूल, मदार और धतूरा लेकर 'ॐ नम: शिवाय' का जप करते अपनी बारी की प्रतीक्षा करते कतार में खड़े दिखे। बम-बम भेले के जयकारों से प्रयागराज गुंजायमान रहा।
सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में भोलेनाथ का अभिषेक करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। पुरुषों की तुलना में महिलाओं की संख्या अधिक है। शिवालयों में भक्त रुद्राभिषेक भी करवा रहे
हैं। मंदिर के बाहर खड़े श्रद्धालु दीपक और उनकी पत्नी विनीता ने बताया कि सावन में रुद्राभिषेक करने से हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती है।
शहर के सोमेश्वरनाथ, दशाश्वमेध, तक्षकेश्वर, गंगोली शिवालय, श्रृंगवेरपुर शिवालय समेत अनेक शिवालयों में 'बोल बम', 'ॐ नम: शिवाय' और 'शिव चालीसा' का पाठ चलता रहा। सावन माह के पहले दिन से शिव मंदिरों की चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
तड़के चन्द्रग्रहण के समय श्रद्धालुओं का संगम तट पर जमघट लगा रहा। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद घाट पर बैठे पंडों को दान-दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया। उसके बाद कतार में बैठे भिक्षुकों को अन्न और वस्त्रदान किया।
