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मथुरा में लापता महंत की हुई थी हत्या, 24 दिन बाद हुआ खुलासा
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मांट इलाके में मिले एक साधु के शव की पहचान बीते 24 दिनों से लापता चल रहे एक महंत के रूप में किए जाने के बाद पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि महंत की हत्या की गई थी और अब उन्हें इस मामले में लापता कार चालक की तलाश है।
पुलिस के मुताबिक अटल्ला चुंगी चौराहे पर बने गोपाल बाग आश्रम के महंत बालमुकुंद शरण शास्त्री 12 जून से लापता थे। वे अपने चालक के साथ कार से वृन्दावन से निकले थे। वहीं 13 जून को मांट क्षेत्र में एक साधु का शव मिला, जिसकी शिनाख्त के लिए पुलिस ने पोस्टर जारी किए थे।
कोतवाली प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि मांट पुलिस को 13 जून को एक साधुवेश धारी वृद्ध का शव मिला था। उस समय उस शव की पहचान नहीं हो पाई थी। नियमानुसार तीन दिन तक परिजनों के इंतजार के बाद पुलिस ने शव के पहचान चिह्न संरक्षित करने के बाद एक लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कर दिया था। लेकिन अब उस शव की पहचान महंत बालमुकुंद शरण शास्त्री के रूप में कर ली गई है।
महंत के भाई रामवीर, भतीजे विपनेश व उनके पैतृक गांव बदायूं जिले के बसई गांव के कई लोगों ने फोटो से शव की पहचान महंत बालमुकुंद शरण के रूप में की है। पुलिस अब महंत के कार चालक जिले के ही नौहझील इलाके के गांव गढ़ी कोलाहर निवासी उमेश पाठक की तलाश में है। पाठक का इस घटना के बाद से ही लापता है।
परिजन का आरोप है कि अपहरण के बाद महंत की हत्या की गई है। उनके कार चालक पर हत्या करने का शक जताया जा रहा है। इसके लिए फिर से पुलिस कई क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस को पाठक पर इसलिए भी शक है क्योंकि उसका एक माह पूर्व महंत से अच्छा-खासा विवाद हुआ था और पुलिस ने तब उनकी शिकायत पर पाठक को शांति भंग करने के आरोप में हिरासत में लिया था।
