जोधपुर के 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू, कांग्रेस-भाजपा में सियासी संग्राम
जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर में झंडा उतार फेंकने और दूसरा झंडा लगाने को लेकर विवाद हो गया। पिछले 24 घंटों में 3 बार पथराव के बाद शहर के 10 पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया है। शहर में हालात तनावपूर्ण हैं। इस बीच कांग्रेस और भाजपा में सियासी संग्राम तेज हो गया।
जोधपुर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय राजकुमार चौधरी ने जोधपुर के दस थाना क्षेत्रों में 4 मई की रात 12 बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है। इसके तहत थाना क्षेत्र उदयमंदिर, सदरकोतवाली, सदरबाजार नागोरी गेट, खांडाफलसा, प्रतापनगर, प्रतापनगर सदर देवनगर, सूरसागर, सरदारपुरा में कर्फ्यू की घोषणा की गई है। इस दौरान कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति पत्र के गृह सीमा के बाहर नहीं निकलेगा।
इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने इस मामले में राजस्थान के आला अधिकारियों के साथ बैठक भी की। सीएम गेहलोत ने शांति की अपील करते हुए पुलिस को असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं।वर्तमान परिस्थिति के परिप्रेक्ष्य में शहर के कुछ इलाकों में लगाया गया कर्फ्यू ...
— Jodhpur Police (@CP_Jodhpur) May 3, 2022
जोधपुर आयुक्तालय क्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की जाती है-
यह आदेश आज दिनांक 03.05.2022 को एक बजे से कल रात 12 बजे तक प्रभावी रहेगा। #Jodhpur pic.twitter.com/ADWOayRoQQ
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने जोधपुर हिंसा भाजपा की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां चुनाव होंगे, वहां इस तरह की हिंसा होती है। भाजपा का एजेंडा हिंदू और मुसलमान को लड़ाकर प्रांत के भाईचारे को खत्म करना है।
भाजपा नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ट्वीट कर कहा, 'कांग्रेस राज में औरंगजेबी मानसिकता किस तरह हावी हो गई है, यह जोधपुर की घटना से साफ पता चलता है। जालोरी गेट पर स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की मूर्ति से झंडा उतारकर विशेष तरह का झंडा फहराना और फिर पत्थरबाजी की घटना, बिना सत्ता के संरक्षण में संभव नहीं हो सकती है।'
