सम्बंधित जानकारी
- चाणक्य के अनुसार करोड़पतियों को भी कंगाल बना देती है ये 5 गलतियां
- History of odisha: ओडिशा राज्य के खास पर्यटन स्थल और संक्षिप्त इतिहास
- God : ब्रह्म, ईश्वर, परमात्मा, परमेश्वर, देवता और भगवान का क्या है फुल फॉर्म, जान लो आज
- jagannatha rathayatra: जगन्नाथ रथयात्रा पर जानिए प्रारंभ से लेकर अंत तक की परंपरा और रस्म
- sawan somwar 2024 date: कब से शुरू होंगे सावन सोमवार, जानें कब कब रहेंगे सोमवार के दिन
Pradosh vrat 2024 : जुलाई माह में कब-कब है प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
pradosh vrat in hindi
HIGHLIGHTS
हर माह में 2 बार प्रदोष व्रत रखा जाता है।
प्रदोष व्रत में शिव-पार्वती का पूजन होता है।
आषाढ़ प्रदोष व्रत 2024 कब है।
2024 Pradosh Vrat : वर्ष 2024 में आषाढ़ माह में भी हर माह की तरह 2 प्रदोष व्रत पद रहे हैं, जिसमें पहला प्रदोष व्रत 03 जुलाई, दिन बुधवार को रखा जा रहा है। और दूसरा प्रदोष 18 जुलाई, दिन गुरुवार को पड़ेगा, मान्यता के मुताबिक यह व्रत सारे कष्टों को दूर करने वाला माना गया हैं।
धार्मिक ग्रंथों में यह दिन भगवान शिवशंकर और मां पार्वती के पूजन के लिए बहुत ही खास माना गया है। भगवान शिव को समर्पित यह व्रत होने के कारण प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार बुधवार को आने वाले दिन को सौम्यवारा और गुरुवार के प्रदोष व्रत को गुरुवारा प्रदोष कहा जाता है। बुधवार का प्रदोष व्रत यह शिक्षा एवं ज्ञान प्राप्ति के लिए किया जाता है। और बृहस्पतिवार का प्रदोष व्रत करने से देवगुरु बृहस्पति/ ग्रह का शुभ प्रभाव तथा पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह व्रत खास तौर पर शत्रु नाश और जीवन के खतरों के विनाश के लिए किया जाता है, ताकि व्रतधारी को हर तरह की सफलता प्राप्त हो सके।
1. प्रदोष व्रत : 03 जुलाई 2024, बुधवार
* आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी तिथि का प्रारम्भ - 03 जुलाई को सुबह 07:10 पर।
त्रयोदशी तिथि का समापन- 04 जुलाई 2024 को सुबह 05:54 पर।
* बुध प्रदोष व्रत पूजा टाइम : शाम 07:23 से 09:24 तक।
त्रयोदशी तिथि पूजन की कुल अवधि : 02 घंटे 01 मिनट तक।
2. आषाढ़ मास का दूसरा प्रदोष व्रत 18 जुलाई 2024, गुरुवार।
* आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी का प्रारम्भ- 18 जुलाई को रात्रि 08:44 मिनट से।
प्रदोष व्रत का समापन- 19 जुलाई को शाम 07:41 मिनट पर होगा।
* गुरु प्रदोष व्रत रात 08:44 से 09:23 मिनट तक।
त्रयोदशी पूजा की अवधि- 00 घंटे 39 मिनट्स तक।
जुलाई माह में उपरोक्त समयावधि में भोलेनाथ तथा शिव परिवार का पूजन करना बहुत ही फलदायी होता हैं।
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
