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Gita Jayanti 2025: गीता जयंती आज, जानिए इस दिन क्या करें और क्या नहीं करें
Gita Jayanti: आज, 1 दिसंबर 2025 को संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म का एक अत्यंत पावन और ऐतिहासिक पर्व, गीता जयंती मनाया जा रहा है। यह पर्व मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ता है, जिसे मोक्षदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इसी शुभ दिन, लगभग 5000 वर्ष पूर्व, कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने परम भक्त और शिष्य अर्जुन को ज्ञान, धर्म, कर्म और मोक्ष की व्याख्या करते हुए श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था।ALSO READ: Gita Jayanti Wishes: गीता जयंती पर अपनों को भेजें ये 5 प्रेरणरदायी शुभकामना संदेश
आइए जानते हैं कि इस महत्वपूर्ण दिवस पर हमें कौन से शुभ कार्य करने चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए
गीता जयंती पर क्या करें?
1. गीता का पाठ या एक अध्याय पढ़ें: संपूर्ण गीता पढ़ सकें तो उत्तम, अन्यथा एक अध्याय या कुछ श्लोक भी पर्याप्त हैं।
2. साधना और ध्यान करें: मन को शांत करके भगवान कृष्ण के उपदेशों पर मनन करें- कर्म, भक्ति, ज्ञान, और आत्म-संयम।
3. व्रत या सात्विक भोजन करें: सात्विक आहार लें, फल, दूध, खीर, उपवास के भोजन आदि।
4. दान-पुण्य करें: अन्नदान, वस्त्रदान या जरूरतमंदों की सहायता गीता के निःस्वार्थ कर्म का प्रतीक है।
5. श्रीकृष्ण और गीता की पूजा करें: आज के शुभ अवसर पर भगवान कृष्ण को तिल, गुड़, तुलसी और घी के दीप से पूजा करना शुभ माना जाता है।ALSO READ: Gita Jayanti 2025: गीता जयंती पर जानिए पापों से मुक्ति के लिए खास 5 उपाय
गीता जयंती पर क्या नहीं करें?
1. अहंकार और क्रोध से दूर रहें: गीता का सार स्थिरता और संयम है, इसलिए नकारात्मक भाव से बचें।
2. झूठ, छल या अपमानजनक व्यवहार न करें: यह दिन धर्म, सत्य और सदाचार को अपनाने का है।
3. तामसिक भोजन से बचें: मांस, शराब, लहसुन-प्याज आदि का सेवन वर्जित माना जाता है।
4. अपशब्द, विवाद या अनावश्यक बहस से बचें: मन को शांत और सकारात्मक बनाए रखें।
5. आलस्य न करें: गीता कर्मयोग का संदेश देती है, इसलिए दिन को सार्थक कार्यों में लगाएं।
6. अनादर: गीता ग्रंथ को सीधे जमीन पर न रखें और न ही गंदे हाथों से छुएं।ALSO READ: Gita Jayanti 2025: गीता जयंती 2025: श्रीमद्भगवद्गीता के बारे में 10 दिलचस्प बातें
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