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तीन भारतीय अमेरिकियों को पद्मश्री सम्मान

Padma Awards 2017
नई दिल्ली। भारत के गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी 2017 को वर्ष के पद्मश्री पुरस्कार जीतने वालों में तीन भारतीय मूल के अमेरिकी भी शामिल हैं जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।


 
कला एवं संगीत के क्षेत्र में अमेरिकी एनआरआई इमरत खान, साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में अमेरिकी एनआरआई अनंत अग्रवाल और साहित्य, शिक्षा एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए अमेरिकी एनआरआई एच आर शाह को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है।  
 
इन तीन लोगों में सितार और सुरबहार वादक इमरत खान, एमआईटी के प्रोफेसर अनंत अग्रवाल और टीवी एशिया के चेयरमैन एच.आर. शाह भी शामिल हैं। प्रोफेसर अग्रवाल कम्प्यूटर क्षेत्र में एडएक्स नाम के 'हार्वर्ड फॉर ऑल' के शैक्षिक पोर्टल के संस्थापक हैं जिससे 162 देशों के एक लाख पचपन हजार से अधिक छात्र जुड़े हैं। डॉ. अग्रवाल शिक्षा के क्षेत्र में ऐसा नाम हैं जिन्होंने दुनिया भर के सम्मान हासिल किए हैं। दुनिया में सबसे बड़ा माइक्रोफोन अरेंजमेंट के लिए उनका नाम गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्डस में भी दर्ज है।
 
इमरत खान दुनिया के महानतम सुरबहार वादकों में से हैं यह सितार जैसा वाद्ययंत्र है जिसे खान के दादाजी उस्ताद शहददाद खान ने विकसित किया था। वे स्वर्गीय उस्ताद विलायत खान के सबसे छोटे भाई हैं। 1936 में कोलकाता में पैदा हुए इमरत खान ने अपने भाई विलायत के साथ मिलकर पहला सितार-सुरबहार वाद्य बनाया था। उन्होंने भारतीय वाद्यसंगीत के क्षेत्र में 'गायकी अंग' को भी विकसित किया है। वे पहले ऐसे भारतीय शास्त्रीय संगीतकार हैं जिन्होंने 1971 में लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में वादन किया था।
 
वर्ष 1988 में भारत के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार पाने वाले खान फिलहाल सेंट लुईस, मिसौरी के वाशिंगटन यूनिवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर हैं। बहुत साधारण सी पृष्ठभूमि के एच.आर. शाह टीवी एशिया के चेयरमैन और सीईओ हैं और वर्ष 1996 में उन्होंने इस मीडिया संस्थान को खस्ता हालत में अपने हाथ में लिया था और आज यह साढ़े तीन लाख से ज्यादा दर्शक रखता है। इसके अमेरिका और कनाडा में 30 से ज्यादा ब्यूरो हैं और यह चौबीसों घंटों, सातों दिन चलते रहने वाला चैनल है।    
 
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